नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान के तहत 2000 से अधिक युवाओं ने नशे के खिलाफ निकाली विशाल पदयात्रा
अखिल विश्व गायत्री परिवार एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय द्वारा युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के साथ मिलकर “100 रविवार, एक उद्देश्य” — “नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान” के अंतर्गत रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को विशाल नशा मुक्ति पदयात्रा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति-कुलपति एवं अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी के नेतृत्व में आयोजित हुआ। पदयात्रा में लगभग 2000 से अधिक युवाओं, महिलाओं एवं गायत्री साधकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि शांतिकुंज महिला मंडल की अध्यक्ष आदरणीया श्रीमती शैफाली पण्ड्या जी मौजूद रहीं। साथ ही डॉ. सुनैना रावत, राज्य संपर्क अधिकारी, NSS, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, देहरादून; श्री राहुल डबराल, निदेशक, MY Bharat, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, देहरादून; श्री रोशन कुमार, युवा अधिकारी, हरिद्वार; श्री योगेंद्र गिरी जी, व्यवस्थापक, शांतिकुंज; तथा श्री बलदाऊ देवांगन, कुलसचिव, देव संस्कृति विश्वविद्यालय सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
पदयात्रा का शुभारंभ देव संस्कृति विश्वविद्यालय परिसर से गणमान्य अतिथियों द्वारा युग परवर्तन का संदेश देती पीली झंडी दिखाकर हुआ। विश्वविद्यालय परिसर से निकली पदयात्रा समस्त हरिपुर कलां क्षेत्र में नशे के खिलाफ जन-जागरूकता का संदेश, नारों-गीतों एवं परम पूज्य गुरुदेव के “नशे से बचाएंगे—सृजन में लगाएंगे” के मंत्र से जुड़े सद्साहित्य का वितरण करते हुए गायत्री तीर्थ शांतिकुंज पहुंची। इस दौरान युवाओं ने नशामुक्ति से जुड़े प्रेरणादायी प्रज्ञा गीतों के माध्यम से क्षेत्रवासियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक किया और नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
शांतिकुंज में नशामुक्ति गीत की प्रस्तुति के साथ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के एनसीसी कैडेट विद्यार्थियों द्वारा “नशे के दुष्प्रभाव एवं उनसे बचने के उपाय” विषय पर नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से युवाओं को नशे के कारण होने वाले व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामाजिक दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए इससे बचने के परम पूज्य गुरुदेव द्वारा बताए गए व्यावहारिक उपायों का संदेश दिया गया।
