जन्मशताब्दी के पावन वर्ष में नवरात्रि साधना से जागृत हो रही मातृशक्ति के प्रति सम्मान की ऊर्जा
देव संस्कृति विश्वविद्यालय में अश्विन नवरात्रि के पावन अवसर पर साधना और आत्मपरिष्कार का विशेष वातावरण बना हुआ है। 11 से 19 अक्टूबर तक आयोजित साधना सत्र में अब तक कुल 873 साधक शामिल हुए । परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्मशताब्दी का यह पावन वर्ष जिसमें की साधना, संस्कार और मातृशक्ति के प्रति सम्मान की भावना को नई ऊर्जा दे रहा है।
विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी के मार्गदर्शन में आयोजित यह सत्र नवरात्रि की शक्ति उपासना परंपरा से जुड़ा है। यह साधकों को आत्मचिंतन, आध्यात्मिक अनुशासन और जीवन-मूल्यों को अपनाने का अवसर प्रदान कर रहा है।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर साधकों की बढ़ती सहभागिता साधना के प्रति उनकी आस्था और उत्साह को दर्शाती है। आगामी दिनों में भी यह सत्र साधकों को आत्मिक उन्नति, आत्मपरिष्कार और सकारात्मक जीवन दृष्टि की ओर प्रेरित करता रहेगा।
