आध्यात्मिक चेतना, योग एवं राष्ट्रनिर्माण के संकल्पों से आलोकित हुआ जन्मशताब्दी समारोह का द्वितीय दिवस
नई दिल्ली। परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की जन्मशताब्दी एवं अखण्ड दीप शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित भव्य समारोह के द्वितीय दिवस का शुभारम्भ प्रातःकालीन ध्यान-साधना एवं योग के आध्यात्मिक वातावरण में हुआ।
इस पावन अवसर पर परम श्रद्धेया शैलवाला जीजी एवं आदरणीया शैफाली जीजी का वात्सल्यमयी सान्निध्य प्राप्त हुआ। विशेष सत्र में पतंजलि योगपीठ के महामंत्री आदरणीय आचार्य बालकृष्ण जी, सांसद डॉ. मन्नालाल जी एवं श्री अविनाश पांडे जी, प्रख्यात योग विशेषज्ञ डॉ. ईश्वर वी. बसवरड्डी जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष एवं समारोह के दलनायक आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।
इस अवसर पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी द्वारा शिक्षा के साथ साधना, संस्कार एवं व्यक्तित्व निर्माण के समन्वित प्रयासों को रेखांकित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के विद्यार्थी प्रज्ञा योग के माध्यम से शारीरिक, मानसिक एवं आत्मिक विकास की भारतीय ऋषि परंपरा को अपने जीवन में आत्मसात कर रहे हैं।
समारोह में आचार्य बालकृष्ण जी ने परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के युगनिर्माणकारी विचारों का स्मरण करते हुए गायत्री परिवार एवं पतंजलि योगपीठ के उद्देश्यों में निहित समानता को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि पूज्य गुरुदेव द्वारा प्रतिपादित स्वस्थ, संस्कारवान एवं जागृत समाज के निर्माण का संकल्प ही दोनों संस्थाओं के प्रयासों की मूल प्रेरणा है।
इस अवसर पर योग, साधना, स्वास्थ्य एवं भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा को समर्पित इस विशेष सत्र में उपस्थित अतिथियों की सहभागिता ने आयोजन को विशेष गरिमा प्रदान की।

