• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • नव वर्ष की नवीन संभावनाएँ
    • अतिमानव को साकार करने का समय आ गया
    • जिया जाय जीवन का हर क्षण
    • लक्ष्य का पहचान और उसकी प्राप्ति
    • अन्याय (Kahani)
    • सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम्
    • इतिहास के मूल्यवान नग (Kahani)
    • अंतः का शृंगार है मौन
    • सार्थकता बिरलों को मिलती है (Kahani)
    • माँ की कृपा से क्या कुछ संभव नहीं
    • वापस स्वर्ग चले (Kahani)
    • होने जा रहा है विज्ञान का कायाकल्प
    • दोनों धन्य हो गए (kahani)
    • जीवन सार्थक बनेगा संगीत से
    • सफल होने का रहस्य (Kahani)
    • अभिमन्यु एक मिथक नहीं सचाई
    • Quotation
    • यह मूल्यविहीन ‘प्रगति’ किस काम की
    • स्वामी नारायण गुरु (Kahani)
    • अभिशप्त तापमान ला रहा है जल प्रलय
    • दैवी अनुदानों के अधिकारी (Kahani)
    • व्यवहारकुशलता एक पारसमणि के समान
    • भगवान् आपको रोकते (Kahani)
    • मिला जीवन का एक सार्थक उद्देश्य
    • वैभव का धनी (Kahani)
    • प्रकृति की एक नैसर्गिक धरोहर
    • सफलता प्राप्त की (Kahani)
    • क्रोध से तो परहेज ही रखें
    • पानी में घुल जाओ (Kahani)
    • विकृत आहार हमें रोगी बनाता है
    • आदेशों को हृदयंगम (Kahani)
    • वातव्याधि निवारण की यज्ञोपचार प्रक्रिया - 11
    • एक आदर्श योगासन : सूर्य नमस्कार
    • VigyapanSuchana
    • परमपूज्य गुरुदेव की अमृतवाणी - कैसे विकसित हो आदर्श परिवार-9
    • जन्म दिवस विशेष : स्वामी विवेकानंदएक प्रखर योद्धा संन्यासी जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
    • युगगीता-29 - हर श्वास में संपादित दिव्य कर्म ही हैं यज्ञ
    • सुधारने के लिए प्रेरणा (Kahani)
    • गुरुकथामृत-21 - इन निमित्तों ने ही तो खड़ा किया है यह वटवृक्ष
    • स्थायी क्या है? (Kahani)
    • श्रीरामलीलामृत-1 - चेतना की शिखर यात्रा
    • केंद्र के समाचार- विश्वव्यापी हलचलें
    • अपनों से अपनी बात-1 - इस संगठन वर्ष में हम सब एक निर्णायक युद्ध लड़ेंगे
    • अपनों से अपनी बात-2 - गायत्री तीर्थ की सत्र व्यवस्था व अनुशासन
    • शहीदों के प्रति
    • शहीदों के प्रति (Kavita)
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login


Back to Books

Magazine - Year 2002 - Version 2

Media: TEXT
Language: HINDI
TEXT SCAN EPUB KINDLE


नव वर्ष की नवीन संभावनाएँ

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


2 Last
नव वर्ष की सम्भावनाएँ भी नवीन है। तेजी से घूम रहा काल चक्र हर रोज अनगिन परिस्थितियों, घटनाचक्रों प्रक्रियाओं एवं उपक्रमों को जन्म दे रहा है। सब कुछ इतना तीव्र और आश्चर्य कारक है कि विश्लेषक चकित हैं और विशेषज्ञ भौचक। उपनिषदों की भाषा में कहें तो ‘न मेधया न बहुनाश्रुतेन’ यानि कि इसे न तो कोरी बुद्धि से समझा जा पा रहा है और न ही बहुत सुनने-गुनने वाले इसे समझने में सक्षम हैं। लेकिन जिनका अन्तःकरण आलोकित है, जिनके पास गहन अंतर्दृष्टि है, वे इन दिनों अनेकों नवीन सम्भावनाओं को जन्मते, पनपते एवं विकसित होते देख रहे हैं।

सन् 2002 में जो कुछ हो रहा है, वह मात्र प्रारम्भ है। प्रक्रिया सुदीर्घ है जो कई वर्षों तक चलने वाली है। अकेले हम ही नहीं समूचा विश्व इस सत्य का साक्षी होगा, कि क्रान्तियाँ किस तरह से मालगाड़ी के डिब्बों की तरह एक के बाद एक आयीं और देखते ही देखते सारा पुराना कूड़ा-करकट अपने साथ उड़ा ले गयी। वर्तमान जिस भविष्य का सृजन करने में तत्पर है वह साफ-सुथरा ही नहीं सुगन्धित भी है। आसुरी शक्तियाँ कितनी ही प्रबल, प्रचण्ड एवं विशालकाय क्यों न हों, पर काल चक्र उन्हें धूल में मिलाए बिना न रहेगा।

इन्हीं दिनों कुछ ऐसे घटनाक्रम जन्म लेंगे, कुछ ऐसी परिस्थितियाँ उपजेंगी कि जो असुरता को अपने शिकंजे में बुरी तरह से जकड़ लेगी। उसे छटपटाहट के साथ दम तोड़ने के अलावा और कोई मार्ग न मिलेगा। इसी के साथ विश्व मानवता अपने नए इतिहास को रचेगी। कालचक्र के तीव्रगामी वेग से जन्मने वाली नवीन सम्भावनाएँ विश्व मानचित्र में कुछ अचरज भरी फेर बदल भी करेंगी। नवीन सम्भावनाएँ इतिहास को ही नहीं भूगोल को भी नयापन देगी।

इन विशिष्ट पलों में महाकाल के सेवकों-सहचरों का दायित्व भी विशिष्ट है। उन्हें न केवल अपने सृजन अभियान को तीव्र वेग देना है। बल्कि उन्हें इन्हीं दिनों कठोरतम तप साधनाएँ सम्पन्न करके प्रचण्ड आत्मबल भी अर्जित करना है। आत्मबल की धनी ऐसी तपस्वी आत्माएँ ही इन दिनों तीव्र गति से अन्तरिक्ष में उमड़-घुमड़ रही हलचलों को अपनी अन्तर्चेतना में अनुभव करेंगी। और नव वर्ष की नवीन सम्भावनाओं के साकार होने में समर्थ सहयोगी की भूमिका निभा सकेंगी।

2 Last


Other Version of this book



Version 2
Type: TEXT
Language: HINDI
...

Version 1
Type: SCAN
Language: HINDI
...


Releted Books


Articles of Books

  • नव वर्ष की नवीन संभावनाएँ
  • अतिमानव को साकार करने का समय आ गया
  • जिया जाय जीवन का हर क्षण
  • लक्ष्य का पहचान और उसकी प्राप्ति
  • अन्याय (Kahani)
  • सत्यम्, शिवम्, सुन्दरम्
  • इतिहास के मूल्यवान नग (Kahani)
  • अंतः का शृंगार है मौन
  • सार्थकता बिरलों को मिलती है (Kahani)
  • माँ की कृपा से क्या कुछ संभव नहीं
  • वापस स्वर्ग चले (Kahani)
  • होने जा रहा है विज्ञान का कायाकल्प
  • दोनों धन्य हो गए (kahani)
  • जीवन सार्थक बनेगा संगीत से
  • सफल होने का रहस्य (Kahani)
  • अभिमन्यु एक मिथक नहीं सचाई
  • Quotation
  • यह मूल्यविहीन ‘प्रगति’ किस काम की
  • स्वामी नारायण गुरु (Kahani)
  • अभिशप्त तापमान ला रहा है जल प्रलय
  • दैवी अनुदानों के अधिकारी (Kahani)
  • व्यवहारकुशलता एक पारसमणि के समान
  • भगवान् आपको रोकते (Kahani)
  • मिला जीवन का एक सार्थक उद्देश्य
  • वैभव का धनी (Kahani)
  • प्रकृति की एक नैसर्गिक धरोहर
  • सफलता प्राप्त की (Kahani)
  • क्रोध से तो परहेज ही रखें
  • पानी में घुल जाओ (Kahani)
  • विकृत आहार हमें रोगी बनाता है
  • आदेशों को हृदयंगम (Kahani)
  • वातव्याधि निवारण की यज्ञोपचार प्रक्रिया - 11
  • एक आदर्श योगासन : सूर्य नमस्कार
  • VigyapanSuchana
  • परमपूज्य गुरुदेव की अमृतवाणी - कैसे विकसित हो आदर्श परिवार-9
  • जन्म दिवस विशेष : स्वामी विवेकानंदएक प्रखर योद्धा संन्यासी जो आज भी प्रेरणा का स्रोत है।
  • युगगीता-29 - हर श्वास में संपादित दिव्य कर्म ही हैं यज्ञ
  • सुधारने के लिए प्रेरणा (Kahani)
  • गुरुकथामृत-21 - इन निमित्तों ने ही तो खड़ा किया है यह वटवृक्ष
  • स्थायी क्या है? (Kahani)
  • श्रीरामलीलामृत-1 - चेतना की शिखर यात्रा
  • केंद्र के समाचार- विश्वव्यापी हलचलें
  • अपनों से अपनी बात-1 - इस संगठन वर्ष में हम सब एक निर्णायक युद्ध लड़ेंगे
  • अपनों से अपनी बात-2 - गायत्री तीर्थ की सत्र व्यवस्था व अनुशासन
  • शहीदों के प्रति
  • शहीदों के प्रति (Kavita)
Shantikunj, Haridwar

About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique centre and fountain-head of the global Yug Nirman Yojna—a movement for moral and spiritual regeneration inspired by India’s timeless heritage.

Discover Shantikunj
Discover

Mission

  • Home
  • News & Activities
  • Join Us
  • Contact
Knowledge

Resources

  • Literature
  • Videos & More
  • Audio
  • Quotes & Thoughts
We value your thoughts

Write to Us

Share your suggestions, feedback, questions, or experiences with us.

Write to us

Copyright © 2026 SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved.

Designed by IT Cell Shantikunj