श्रद्धा, प्रज्ञा और संकल्प का भावपूर्ण साक्षात्कार — शताब्दी समारोह में श्रद्धेया जीजी का स्नेहिल सान्निध्य
हरिद्वार | 18 जनवरी 2026
*वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी एवं अखण्ड दीपक शताब्दी वर्ष–2026*
परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी एवं अखण्ड दीपक शताब्दी वर्ष–2026 के एजल चरण में आज विचार-मंथन सत्र कार्यक्रम का शुभारंभ आदरणीया श्रद्धेया जीजी के पावन एवं स्नेहिल शुभ आगमन के साथ हुआ। उनके आगमन के साथ ही संपूर्ण वातावरण में आत्मीयता और कृतज्ञता का भाव सहज रूप से प्रवाहित हो उठा।
इस अवसर पर सजल श्रद्धा एवं प्रखर प्रज्ञा के प्रतीक रूप में पुष्पांजलि अर्पित की गई, जो परम पूज्य गुरुदेव एवं वंदनीया माता जी के प्रति समर्पण और निष्ठा का सजीव प्रतीक बनी।
इसके पश्चात आदरणीय श्रद्धेया जीजी द्वारा शताब्दी समारोह की प्रदर्शनी, देव संस्कृति विश्वविद्यालय विभाग एवं साहित्य स्टॉल का उद्घाटन किया गया। प्रदर्शनी में गुरुदेव के युगांतरकारी विचार, शताब्दी संदेश तथा युग-निर्माण अभियान की झलक को भावनात्मक एवं बौद्धिक गहराई के साथ प्रस्तुत किया गया, वहीं साहित्य स्टॉल पर उपलब्ध साहित्य साधकों एवं कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणा का सशक्त स्रोत बना।
उद्घाटन उपरांत श्रद्धेया जीजी का मंच पर आगमन हुआ, जहाँ उनका सान्निध्य संपूर्ण सभा के लिए ऊर्जा, स्नेह और प्रेरणा का केंद्र बन गया। अपने उद्बोधन में उन्होंने अत्यंत आत्मीयता और आदर के साथ शताब्दी समारोह में पधारे समस्त गायत्री परिवारजनों का अभिनंदन किया। उन्होंने आयोजन से पूर्व ही सेवा, समर्पण और निष्ठा के साथ कार्यरत प्रत्येक कार्यकर्ता के प्रयासों को सराहा और उनके प्रति हृदय से कृतज्ञता व्यक्त की।

