राष्ट्रबोध, संस्कृति और युग-निर्माण का विराट संकल्प
परम पूज्य गुरुदेव एवं परम वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी के अवसर पर आयोजित ‘राष्ट्रीय के जागरण का समय आ गया’ कार्यक्रम राष्ट्रबोध, सांस्कृतिक चेतना और युग-निर्माण के संकल्प का सशक्त उद्घोष बना। इस अवसर पर ‘सत्ययुग का सूर्योदय’ ग्रंथ का विमोचन किया गया तथा परम वंदनीया माताजी की अमृतमयी मातृवाणी का भावपूर्ण श्रवण हुआ।
इस अवसर पर हिमाचल प्रदेश के माननीय राज्यपाल आदरणीय श्री शिव प्रताप शुक्ल जी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहें साथ ही उत्तराखण्ड के माननीय मुख्यमंत्री आदरणीय श्री पुष्कर सिंह धामी जी, उत्तराखण्ड विधानसभा के सदस्य आदरणीय श्री मदन कौशिक जी, राज्यसभा सांसद आदरणीय श्री महेन्द्र भट्ट जी एवं उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य आदरणीय श्री दया शंकर सिंह जी की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम की महत्ता को और अधिक सुदृढ़ किया।
इस आयोजन ने यह स्पष्ट संदेश दिया कि भारत का नवजागरण केवल एक विचार नहीं, बल्कि गुरुदेव–माताजी की तपश्चर्या से अनुप्राणित, संगठित, सतत और मूल्याधारित राष्ट्रीय चेतना का अभियान है।
