वैरागी द्वीप, हरिद्वार | शताब्दी समारोह 2026
शताब्दी समारोह समापन मंच पर व्यक्त हुए विचारों ने यह स्पष्ट कर दिया कि शताब्दी समारोह 2026 किसी आयोजन का अंतिम अध्याय नहीं, बल्कि पूज्य गुरुदेव– वंदनीय माताजी की चेतना को समाज के प्रत्येक स्तर तक पहुँचाने की दीर्घकालिक यात्रा का आरंभ है।
माननीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री (पूर्व मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश) श्री शिवराज सिंह चौहान जी ने गायत्री परिवार के प्रयासों को राष्ट्र की आत्मा से जोड़ते हुए कहा कि यह पहल आध्यात्मिकता तक सीमित नहीं, बल्कि भारतीय समाज में संस्कारों के पुनर्जागरण का सशक्त अभियान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव और परम वंदनीया माताजी द्वारा बोए गए विचारों के बीज आज जनचेतना के वटवृक्ष के रूप में विकसित हो रहे हैं।
उत्तराखण्ड के माननीय राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) श्री गुरमीत सिंह जी ने अपने संदेश में गायत्री परिवार की कार्यप्रणाली को अनुशासन, सेवा और राष्ट्रनिष्ठा का जीवंत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह संगठित चेतना ही समाज को दीर्घकालीन दिशा देने की वास्तविक शक्ति है।
यह समापन वास्तव में एक नई चेतना की उद्घोषणा बन गया, जहाँ हर सहभागी स्वयं को युग-निर्माण का वाहक अनुभव कर रहा था।
