देव संस्कृति विश्वविद्यालय में 35 देशों के 142 बच्चों का आगमन
हरिद्वार। देव संस्कृति विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय सांस्कृतिक एवं शैक्षिक संवाद को बढ़ावा देने के उद्देश्य से विभिन्न देशों से आए बच्चों का विशेष स्वागत किया गया। इस अवसर पर लगभग 142 बच्चे दुनिया के अनेक देशों से देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुँचे और विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या से भेंट कर उनका मार्गदर्शन प्राप्त किया।
इस अंतरराष्ट्रीय दल में उज़्बेकिस्तान, अफ़गानिस्तान, अंगोला, श्रीलंका, मलावी, मंगोलिया, यूक्रेन, ताजिकिस्तान, चीन, जापान, तंजानिया, कज़ाकिस्तान, ऑस्ट्रेलिया, यूनाइटेड किंगडम, जर्मनी, मोरक्को, लाओस, सीरिया, ज़िम्बाब्वे, नामीबिया, मॉरीशस, थाईलैंड, वियतनाम, रोमानिया, सूरीनाम, चाड, रूस, गुयाना, ईरान, स्लोवाकिया, तुर्कमेनिस्तान, मिस्र, दक्षिण अफ्रीका, मेडागास्कर, बांग्लादेश और कनाडा सहित लगभग 35 देशों के बच्चे शामिल थे।
इस अवसर पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि देव संस्कृति विश्वविद्यालय का उद्देश्य केवल शिक्षा प्रदान करना ही नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों, सांस्कृतिक एकता और वैश्विक भाईचारे की भावना को विकसित करना भी है। उन्होंने कहा कि विभिन्न देशों से आए बच्चों का यह मिलन विश्व में शांति, सहयोग और सांस्कृतिक समन्वय का प्रेरक संदेश देता है।
उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने-अपने देशों में लौटकर मानवता, नैतिकता और सकारात्मक जीवन मूल्यों को अपनाने तथा उन्हें समाज में प्रसारित करने का कार्य करें। इस दौरान बच्चों ने विश्वविद्यालय परिसर का भ्रमण किया और यहाँ संचालित शैक्षिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के बारे में जानकारी प्राप्त की।
आए हुए सभी स्टाफ एवं छात्रों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के परिसर और यहाँ की व्यवस्थाओं की भूरि-भूरि प्रशंसा की।
यह कार्यक्रम अंतरराष्ट्रीय मैत्री, सांस्कृतिक आदान-प्रदान तथा युवा पीढ़ी के मार्गदर्शन की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।
