SHISHY KI KALAM SE
पूज्य गुरुदेव की लेखनी साहित्य ही नहीं भाग्य भी रचती है
कुछ व्यक्तित्व केवल इतिहास नहीं रचते, वे जीवन गढ़ते हैं। पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी ऐसे ही दिव्य अवतारी पुरुष थे, जिनकी लेखनी, दृष्टि और आशीर्वाद से असंख्य जीवनों की धारा बदल गई। यह कथा मेरे जीवन की एक ऐसी ही अनुभूति है, जो आज भी श्रद्धा और कृतज्ञता से हृदय को भर देती है।
मेरे पति पहले से ही पूज्य गुरुदेव माता जी की सेवा में गायत्री तीर्थ शान्तिकुंज में निवास कर रहे थे। मैं अपने छोटे बेटे और परिवार के साथ गाँव में रहती थी। कुछ समय बाद मैं और मेरा छोटा बेटा कुछ दिनों के लिए शान्तिकुंज आए। बेटे का मन अपने पिता के साथ रहने को बहुत करता था और जैसे ही वह शान्तिकुंज के दिव्य वातावरण में पहुँचा, उसका मन यहाँ गहराई से रम गया।
एक स्टीकर और एक बाल-हठ
एक दिन मेरा बेटा पूज्य गुरुदेव के सद...
