"शरीर चला गया, पर चेतना अमर है। विचारों में वे आज भी उतने ही जीवंत हैं, जितने युगसंधि के उस महत्त्वपूर्ण क्षण में थे।"
अखिल विश्व गायत्री परिवार के संस्थापक, युगऋषि, वेदमूर्ति एवं महान आध्यात्मिक युगद्रष्टा परम पूज्य गुरुदेव पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी की पुण्यतिथि पर उन्हें कोटिशः श्रद्धांजलि।
पूज्य गुरुदेव का स्मरण केवल श्रद्धा का विषय नहीं, बल्कि युग परिवर्तन एवं आत्मपरिष्कार के संकल्पों को जीवन में उतारने का आह्वान है। उन्होंने अध्यात्म, सेवा, शिक्षा एवं जनजागरण के माध्यम से करोड़ो लोगों के जीवन में चेतना का प्रकाश फैलाया तथा वेद, उपनिषद, पुराण और भारतीय दर्शन के दिव्य ज्ञान को जन-जन तक सरल भाषा में पहुँचाया।
उनका तप, त्याग, चिंतन और युग निर्माण का संदेश आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शक दीपस्तंभ बना हुआ है।
आइए, इस पावन अवसर पर हम उनके आदर्शों को आत्मसात करते हुए युग निर्माण के संकल्पों को आगे बढ़ाने का प्रण लें।
"हम पूज्य गुरुदेव के विचारों को जिएँ, उनके कार्यों को पूर्ण करने में अपना योगदान दें और श्रेष्ठ समाज निर्माण की दिशा में सतत अग्रसर रहें।"

