शताब्दी वर्ष विशेष: नॉर्थ अमेरिका प्रवास | ब्रैम्पटन, ओंटारियो, कनाडा
गुरुसत्ता के विचारों एवं युग निर्माण के संदेश को नॉर्थ अमेरिका के विभिन्न शहरों तक पहुँचाने के क्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का ब्रैम्पटन (कनाडा) स्थित चिंगकोसी ऑडिटोरियम में भावपूर्ण स्वागत किया गया।
इस अवसर पर आयोजित भव्य संगोष्ठी में सैकड़ों परिजन एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। कार्यक्रम का मुख्य विषय “जन्म शताब्दी वर्ष और हमारी भूमिका” रहा, जिस पर आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने अत्यंत प्रेरणाप्रद एवं विचारोत्तेजक उद्बोधन प्रदान किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि युगऋषि परम पूज्य पंडित श्रीराम शर्मा आचार्य जी का जन्म शताब्दी वर्ष केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि आत्मचिंतन, आत्मपरिष्कार और युग परिवर्तन के महान संकल्पों को जीवन में उतारने का अवसर है। उन्होंने उपस्थित परिजनों से आह्वान किया कि वे गुरुसत्ता के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करते हुए समाज में सद्भावना, संस्कार, नैतिकता एवं मानवीय मूल्यों के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने कहा कि वर्तमान समय में विश्व को आध्यात्मिक दृष्टिकोण, वैज्ञानिक अध्यात्मवाद और मानवीय संवेदनाओं की आवश्यकता है। गुरुदेव के विचार इन सभी चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करते हैं। उन्होंने जन्म शताब्दी वर्ष के अवसर पर प्रत्येक परिजन को समयदान, अंशदान एवं प्रतिभादान के माध्यम से युग निर्माण अभियान को गति देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित परिजनों ने गुरुसत्ता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने तथा जन्म शताब्दी वर्ष को अधिकाधिक प्रभावी बनाने का संकल्प लिया। पूरे आयोजन का वातावरण श्रद्धा, उत्साह एवं युग चेतना से ओतप्रोत रहा।

