साधना से सेवा और संस्कारों की ओर बढ़ें साधक : आदरणीय योगेंद्र गिरी जी
29 अगस्त शांतिकुंज
गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित अतिथि सत्र, नवदिवसीय संजीवनी साधना सत्र, युग शिल्पी सत्र एवं परिव्राजक सत्र के विदाई समारोह में शांतिकुंज व्यवस्थापक आदरणीय श्री योगेंद्र गिरी जी ने साधक भाई-बहनों को संबोधित किया।
उन्होंने अपनी प्रखर, ओजस्वी एवं प्रेरणादायी वाणी से साधकों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि शांतिकुंज में प्राप्त साधना, संस्कार एवं प्रशिक्षण की ऊर्जा को अपने जीवन में उतारें और उसे समाज निर्माण की दिशा में लगाएँ। गुरुसत्ता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने तथा सेवा-साधना के माध्यम से राष्ट्र निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
उन्होंने साधक भाई-बहनों से अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा एवं साधना की ज्योति प्रज्वलित करने तथा गायत्री परिवार के रचनात्मक अभियानों को गति देने का आह्वान किया।
प्रस्तुत हैं इस प्रेरणादायी विदाई समारोह के कुछ छायाचित्र।
