शांतिकुंज आपदा राहत दल द्वारा दो भागों में बटकर विस्तृत रूप से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई जा रही है सहायता।
शांतिकुंज आपदा राहत दल द्वारा दो भागों में बटकर विस्तृत रूप से प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचाई जा रही है सहायता। एक टीम द्वारा नेपाल के नुवाकोट में कैम्प बनाकर बाढ़ पीड़ित क्षेत्रों तक राहत सामग्री वितरित की गई। स्थान - स्थान पर टेंट लगाकर हताहत लोगों के परिवार वालों को भोजन प्रसाद और पीने का पानी प्रदान किया गया। नेपाल सेना के जवान जो दिन रात राहत कार्यों में जुटें है। उन्हें भी भोजन पहुंचाया गया। वहीं दूसरी टीम द्वारा रसुवा की अंतिम उपलब्ध सड़क तक जाकर राहत सामग्री सेना को सोपी गई। ज्ञात हो की भयानक बाढ़ के कारण कई किलोमीटर की सड़क गायब हो चुकी है। यहाँ से आगे सेना के हेलिकाप्टर द्वारा ही राहत पहुंचाई जा सकती है। चूंकि उस क्षेत्र में वर्षा लगातार हो रही है ऐसे में वहाँ पहुँचने में भी आपदा राहत दल के सदस्यों बहुत कठिनाई का सामना करना पड़ा, लेकिन सभी अपने हृदयों में पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना से भरे थे और शीघ्रता से उन तक राहत सामग्री पहुंचाना चाहते थे। इसलिए पूज्य गुरुसत्ता के आशीर्वाद से बाधाए पार होती चली गई। और आपदा राहत दल अपने लक्ष्य तक पहुँचने में सफल रहा। आपदा राहत दल द्वारा ना केवल साधनों के द्वारा सहायता पहुंचाई गई है बल्कि गहन संवेदना और आत्मीयता के द्वारा लोगों के मनोबल को उठाया है। जिससे उनके बीच मुसीबत के समय में अखिल विश्व गायत्री परिवार सदैव मानवता के साथ खड़ा है यह विश्वास प्रबल हो गया साथ ही नेपाल और भारत के मध्य आत्मीय संबंधों में और अधिक प्रगाढ़ता आई है। आपदा राहत दल के सदस्यों द्वारा वहाँ सहयोग कर रहें अधिकारियों, सेना के जवानों और परिजनों के साथ आत्मीय भेंट के बाद दल के सदस्यों द्वारा रास्ते में पड़ रहें तीर्थों में पहुंचकर दिवंगत आत्माओं की शांति और पीड़ित समाज की खुशहाली की प्रार्थना भी की गई है। इसी के साथ शांतिकुंज आपदा राहत दल अब स्वदेश वापसी कर रहा है।
