AI SUMMIT
विश्वास के युग में कृत्रिम बुद्धिमत्ता: अंतिम आविष्कार और बढ़ता हुआ जोखिम
आज के समय की सबसे बड़ी चुनौती यही है कि हम मानव-सभ्यता की पूरी ऐतिहासिक यात्रा के ऐसे मोड़ से गुजर रहे हैं, जहाँ technology बाकी सारे संस्थानों से कहीं अधिक तेज़ी से आगे बढ़ रही है। हम लोग अभी अंदर इसी बात पर चर्चा कर रहे थे कि जो गति आज की तकनीक की है, वह हमारे सामाजिक, नैतिक और शासन-संबंधी ढाँचों से कहीं आगे निकल चुकी है।
मैं अंदर ही अंदर Geoffrey Hinton (जो “godfather of AI” और Turing Award winner हैं) को कोट कर रहा था कि उन्होंने स्वयं कहा है कि “this is a threat to humanity, this is our final invention, इसके बाद humanity कोई और invention करेगी नहीं, और यह हम लोगों का अंतिम invention है।” ऐसे समय में सोचना अनिवार्य हो जाता है कि जो हम बना रहे हैं, वह कहीं गलत हाथों में तो नहीं जा रहा है।
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