• News
  • Blogs
  • Gurukulam
English हिंदी
×

My Notes


  • TOC
    • प्रभावशाली भाषण शक्ति
    • चित्तरंजन दास
    • वकालत का अपूर्व आदर्श
    • त्याग और परोपकार का जन्मजात गुण
    • आरंभिक जीवन में देशभक्ति की भावना
    • परिस्थितियों के साथ संघर्ष
    • राजनैतिक मुकदमों में
    • अमृत बाजार पत्रिका पर मानहानि का अभियोग
    • राजनीति में प्रवेश
    • स्वराज्य आंदोलन में सहयोग
    • उग्र राजनीति में प्रवेश
    • अभूतपूर्व त्याग और देशसेवक का व्रत
    • नवयुवकों का संगठन
    • मातृभूमि कि वेदी पर सर्वस्वर अर्पण
    • स्वराज्य पार्टी की स्थापना
    • अत्यधिक परिश्रम से स्वास्थ्य- भंग
    • पारस्परिक वैमनस्यता का अभिशाप
  • My Note
  • Books
    • SPIRITUALITY
    • Meditation
    • EMOTIONS
    • AMRITVANI
    • PERSONAL TRANSFORMATION
    • SOCIAL IMPROVEMENT
    • SELF HELP
    • INDIAN CULTURE
    • SCIENCE AND SPIRITUALITY
    • GAYATRI
    • LIFE MANAGEMENT
    • PERSONALITY REFINEMENT
    • UPASANA SADHANA
    • CONSTRUCTING ERA
    • STRESS MANAGEMENT
    • HEALTH AND FITNESS
    • FAMILY RELATIONSHIPS
    • TEEN AND STUDENTS
    • ART OF LIVING
    • INDIAN CULTURE PHILOSOPHY
    • THOUGHT REVOLUTION
    • TRANSFORMING ERA
    • PEACE AND HAPPINESS
    • INNER POTENTIALS
    • STUDENT LIFE
    • SCIENTIFIC SPIRITUALITY
    • HUMAN DIGNITY
    • WILL POWER MIND POWER
    • SCIENCE AND RELIGION
    • WOMEN EMPOWERMENT
  • Akhandjyoti
  • Login


Back to Books

Books - देशबंधु चितरंजन दास

Media: TEXT
Language: HINDI
TEXT SCAN


चित्तरंजन दास

Listen online

View page note

Please go to your device settings and ensure that the Text-to-Speech engine is configured properly. Download the language data for Hindi or any other languages you prefer for the best experience.
×

Add Note


2 Last
   

  सन् १९०८ की बात है भारतवर्ष का राजनैतिक वातावरण पूरी तरह गर्म हो रहा था। देश भर में "स्वदेशी आंदोलन" की धूम मची हुई थी। "अंग्रेजी वस्तुओं का बहिष्कार करो" की ध्वनि से आकाश गूजँ रहा था। भारतवासियों की इस विद्रोही भावना को देखकर ब्रिटिश अधिकारी भी कुपित होकर दमन पर तुल गये। देश के सैकड़ों सुप्रसिद्ध नेता और कार्यकर्ता गिरफ्तार किए और ले जाकर जेलों में बन्द कर दिये गये। स्वदेशी-प्रचार की सभाओं को पुलिस लाठी चलाकर भंग कर रही थी। अनेक स्थानों में तो "वन्देमातरम्" कहने पर गिरफ्तार कर लिए जाते थे। इस प्रकार जनता और सरकारी अधिकारियों में भयंकर संघर्ष हो रहा था। भारतीय नर-नारी अपने जन्मसिद्ध अधिकारों की माँग कर रहे थे और सरकारी कर्मचारी आंदोलन को कुचल डालना चाहते थे।
      सरकार के दमन चक्र का प्रतिकार करने के लिए देश के कुछ नवयुवकों ने शांतिपूर्ण आंदोलन का मार्ग त्यागकर शस्त्र-बल का आश्रय लेने का निश्चय किया। खुले तौर पर तो अंग्रेजों की आधुनिक, अस्त्र-शस्त्रों से सुसज्जित सेना का मुकाबला कर सकना मुट्ठी भर व्यक्तियों के लिए संभव न था, इसलिए इन क्रांतिवादियों ने गुप्त-संगठन बनाये और छिपे तौर पर बम बनाने तथा पिस्तौल आदि एकत्रित करने का कार्य आरंभ किया। बंगाल के क्रांतिकारी दल ने अपना सबसे पहला लक्ष्य कलकत्ता के एक मजिस्ट्रेट मि० किंग्सफोर्ड को बनाया। वे स्वदेशी आंदोलन में पकडे़ जाने वाले व्यक्तियों को कड़ी-कड़ी सजायें दे रहे थे। एक पंद्रह वर्ष के लड़के को उन्होंने बेंत लगाने की भी सजा दी। इस पर क्रुद्ध होकर क्रांतिकारी दल ने मि० किंग्सफोर्ड को मारने का आदेश दे दिया।

        क्रांतिकारियों की धमकी से डरकर मि० किंग्सफोर्ड ने अपना तबादला मुजफ्फरपुर करा लिया था। इस कारण गुप्त-दल के दो सदस्य खुदीराम और प्रफुल्लचंद्र चाकी उनको मारने वहीं पहुँचे। उन्होंने उनकी गाडी़ पर बम तो फेंका, पर उस समय उसमें मि० किंग्सफोर्ड के बजाय दो अंग्रेज महिलायें बैठी थीं, जिनका देहांत उसी समय हो गया। इस घटना से सरकारी क्षेत्र में रोष और बदहवासी का तूफान आ गया और भारतीय आंदोलनकारियों के विरुद्ध विषोद्गार प्रकट किये जाने लगे। ऐंग्लो इंडियनों के मुखपत्र 'पायोनियर' ने तो यहाँ तक लिख डाला कि "अगर कहीं एक अंग्रेज मारा जाता है' तो उसके बदले दस भारतवासियों को फाँसी दे देनी चाहिए"

    सरकारी खुफिया पुलिस ने जाँच करके खुदीराम को शीघ्र ही पकड़ लिया और प्रफुल्ल चाकी ने गिरफ्तार होते समय पिस्तौल से गोली मारकर अपना अंत कर लिया। पर मामला यहीं खत्म नहीं हो गया। सरकार को विश्वास हो गया कि इन हत्याओं के पीछे कोई बडा़ षड्यंत्र है, इसलिये मुख्य कार्य उसके नेताओं का पता लगाना और दंड देना है। कुछ दिन बाद पुलिस जासूसों ने कलकत्ता में एक बम फैक्टरी का पता लगा लिया और २६ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया, 'युगान्तर पार्टी' नामक संस्था के सदस्य थे। इसके कुछ ही समय बाद श्री अरविन्द घोष को भी हिरासत में ले लिया गया, जो उस समय 'नेशनल कॉलेज' के प्रिंसिपल और 'वन्देमातरम् 'अंग्रेजी दैनिक पत्र के संचालक थे।

2 Last


Other Version of this book



देशबंधु चितरंजन दास
Type: TEXT
Language: HINDI
...

देशबंधु चितरंजन दास
Type: SCAN
Language: HINDI
...


Releted Books



The Pioneers Of Scientific Spirituality
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

वैज्ञानिक अध्यात्म के क्रान्ति दीप
Type: TEXT
Language: HINDI
...

वैज्ञानिक अध्यात्म के क्रान्ति दीप
Type: SCAN
Language: HINDI
...

लोक-मानस का परिष्कृत मार्गदर्शन
Type: TEXT
Language: HINDI
...

लोक-मानस का परिष्कृत मार्गदर्शन
Type: SCAN
Language: HINDI
...

सेवा साधना और उसके सिद्धांत
Type: SCAN
Language: HINDI
...

चेतना की शिखर यात्रा-२
Type: SCAN
Language: EN
...

चेतना की शिखर यात्रा-१
Type: SCAN
Language: EN
...

ચેતનાની શિખરયાત્રા ભાગ - ૧
Type: SCAN
Language: EN
...

चेतना की शिखर यात्रा-३
Type: SCAN
Language: EN
...

बिना शर्त अनुदान नहीं
Type: SCAN
Language: HINDI
...

बिना शर्त अनुदान नहीं
Type: TEXT
Language: HINDI
...

The Pioneers Of Scientific Spirituality
Type: SCAN
Language: ENGLISH
...

वैज्ञानिक अध्यात्म के क्रान्ति दीप
Type: TEXT
Language: HINDI
...

वैज्ञानिक अध्यात्म के क्रान्ति दीप
Type: SCAN
Language: HINDI
...

महापुरुषों के अविस्मरणीय जीवन प्रसंग-2/4
Type: SCAN
Language: EN
...

महापुरुषों के अविस्मरणीय जीवन प्रसंग-2/3
Type: SCAN
Language: EN
...

महापुरुषों के अविस्मरणीय जीवन प्रसंग-2/2
Type: SCAN
Language: EN
...

महापुरुषों के अविस्मरणीय जीवन प्रसंग-1/5
Type: SCAN
Language: EN
...

महापुरुषों के अविस्मरणीय जीवन प्रसंग-1/4
Type: SCAN
Language: EN
...

महापुरुषों के अविस्मरणीय जीवन प्रसंग-1/3
Type: SCAN
Language: EN
...

महापुरुषों के अविस्मरणीय जीवन प्रसंग-2/5
Type: SCAN
Language: EN
...

महापुरुषों के अविस्मरणीय जीवन प्रसंग-2/1
Type: SCAN
Language: HINDI
...

స్వాతంత్ర్య సంగ్రామ సేనాని
Type: SCAN
Language: TELUGU
...

Articles of Books

  • प्रभावशाली भाषण शक्ति
  • चित्तरंजन दास
  • वकालत का अपूर्व आदर्श
  • त्याग और परोपकार का जन्मजात गुण
  • आरंभिक जीवन में देशभक्ति की भावना
  • परिस्थितियों के साथ संघर्ष
  • राजनैतिक मुकदमों में
  • अमृत बाजार पत्रिका पर मानहानि का अभियोग
  • राजनीति में प्रवेश
  • स्वराज्य आंदोलन में सहयोग
  • उग्र राजनीति में प्रवेश
  • अभूतपूर्व त्याग और देशसेवक का व्रत
  • नवयुवकों का संगठन
  • मातृभूमि कि वेदी पर सर्वस्वर अर्पण
  • स्वराज्य पार्टी की स्थापना
  • अत्यधिक परिश्रम से स्वास्थ्य- भंग
  • पारस्परिक वैमनस्यता का अभिशाप
About Shantikunj

Shantikunj has emerged over the years as a unique center and fountain-head of a global movement of Yug Nirman Yojna (Movement for the Reconstruction of the Era) for moral-spiritual regeneration in the light of hoary Indian heritage.

Navigation Links
  • Home
  • Literature
  • News and Activities
  • Quotes and Thoughts
  • Videos and more
  • Audio
  • Join Us
  • Contact
Write to us

Click below and write to us your commenct and input.

Go

Copyright © SRI VEDMATA GAYATRI TRUST (TMD). All rights reserved. | Design by IT Cell Shantikunj