अखण्ड दीपक से युग-प्रकाश—शताब्दी समारोह में दीप महायज्ञ का दिव्य उद्घोष
|| 22 जनवरी, हरिद्वार | शताब्दी समारोह 2026 ||
परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा प्रज्वलित अखण्ड ज्योति केवल प्रकाश नहीं, बल्कि युग-निर्माण का वह अमर संकल्प है, जो शताब्दियों से मानव चेतना को आलोकित करता आ रहा है। इसी अखण्ड साधना परंपरा के सजीव साक्ष्य के रूप में शताब्दी समारोह 2026 के पावन क्रम में आज वैरागी द्वीप स्थित शताब्दी समारोह स्थल पर दीप महायज्ञ का भव्य एवं दिव्य आयोजन सम्पन्न हुआ।
इस ऐतिहासिक अवसर पर आदरणीया श्रद्धेया जिजी द्वारा शांतिकुंज में विगत 100 वर्षों से निरंतर प्रज्वलित अखण्ड दीपक को वैरागी कैंप एवं शताब्दी समारोह स्थल तक लाया गया। इसी अखण्ड दीपक से दीप महायज्ञ में लगभग १.५ लाख दीपकों एवं १०० मशालों का प्रज्वलन किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और राष्ट्रचेतना के प्रकाश से आलोकित हो उठा।
इस गरिमामयी क्षण के साक्षी बने जन्मशताब्दी के दलनायक, देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी एवं आदरणीया शैफाली जिजी। अखण्ड ज्योति से प्रज्वलित प्रत्येक दीपक युग-निर्माण, संस्कार जागरण और राष्ट्रहित के प्रति सामूहिक संकल्प का प्रतीक बनकर प्रज्वलित हुआ।
दीप महायज्ञ का यह दृश्य न केवल शताब्दी समारोह की आध्यात्मिक ऊँचाई को प्रकट करता है, बल्कि गायत्री परिवार की अखण्ड साधना, तप और सेवा परंपरा का विराट संदेश भी देता है।
