एडमोंटन के प्रज्ञाकुंज केंद्र का अवलोकन, विकास हेतु मिला मार्गदर्शन
एडमोंटन, अल्बर्टा (कनाडा)। जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे उत्तर अमेरिका प्रवास के क्रम में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने गायत्री परिवार एडमोंटन द्वारा विकसित किए जा रहे प्रज्ञाकुंज केंद्र का अवलोकन किया। पश्चिमी कनाडा में स्थित यह विशाल परिसर आने वाले समय में साधना, संस्कार एवं आध्यात्मिक जागरण के एक महत्त्वपूर्ण केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है।
एकड़ों में विस्तृत इस प्रॉपर्टी का निरीक्षण करते हुए परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने केंद्र की वर्तमान गतिविधियों एवं भावी योजनाओं की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक केंद्र समाज में सकारात्मक परिवर्तन, मानवीय मूल्यों के संवर्धन तथा भारतीय संस्कृति के प्रसार में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इस अवसर पर उन्होंने स्थानीय कार्यकर्ताओं एवं परिजनों को प्रज्ञाकुंज केंद्र के समग्र विकास, सुव्यवस्थित विस्तार एवं अधिकाधिक लोगों को इससे जोड़ने के संबंध में मार्गदर्शन प्रदान किया। उन्होंने केंद्र को साधना, स्वाध्याय, संस्कार निर्माण और समाजोत्थान की गतिविधियों का सशक्त केंद्र बनाने का आह्वान किया।
परिजनों ने आदरणीय डॉ. पंड्या जी के मार्गदर्शन को प्रेरणास्रोत मानते हुए प्रज्ञाकुंज केंद्र के विकास को नई गति देने तथा गुरुसत्ता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया। यह अवसर उत्साह, समर्पण और मिशन के प्रति प्रतिबद्धता की भावना से ओतप्रोत रहा।

