शताब्दी वर्ष विशेष : वैंकूवर में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का हृदयस्पर्शी स्वागत, परिजनों को मिला गुरुसत्ता का आशीर्वाद
वैंकूवर, ब्रिटिश कोलंबिया (कनाडा)। जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे उत्तर अमेरिका प्रवास के अंतिम चरण में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के वैंकूवर नगर पहुँचे। उनके आगमन पर स्थानीय परिजनों एवं कार्यकर्ताओं ने अत्यंत आत्मीयता, श्रद्धा एवं उत्साह के साथ उनका हृदयस्पर्शी स्वागत किया।
इस अवसर पर आयोजित स्वागत समारोह में परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने उपस्थित परिजनों से भेंट कर उन्हें गुरुसत्ता का आशीर्वाद एवं स्नेह प्रदान किया। उन्होंने परिजनों के समर्पण, संगठनात्मक प्रयासों एवं मिशन के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना करते हुए उन्हें जन्म शताब्दी वर्ष के संदेश को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने की प्रेरणा दी।
अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा कि गुरुसत्ता का संदेश मानवता, सद्भावना, आत्मपरिष्कार एवं समाज निर्माण का संदेश है, जिसे जीवन में उतारकर प्रत्येक व्यक्ति स्वयं के साथ-साथ समाज के उत्थान में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने परिजनों से सेवा, साधना और स्वाध्याय के माध्यम से मिशन की गतिविधियों को और अधिक व्यापक बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के दौरान परिजनों ने अपने अनुभव साझा किए तथा परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी से मार्गदर्शन प्राप्त किया। पूरे वातावरण में श्रद्धा, आत्मीयता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम देखने को मिला। उपस्थित सभी परिजनों ने गुरुसत्ता के विचारों को जन-जन तक पहुँचाने तथा जन्म शताब्दी वर्ष के अभियानों को नई गति देने का संकल्प व्यक्त किया।

