अय्यप्पा मंदिर, हैरो एवं वील्डस्टोन में यज्ञ कार्यक्रम में सम्मिलित हुए परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी
हैरो एवं वील्डस्टोन, यूनाइटेड किंगडम। जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे कार्यक्रम-प्रवास के क्रम में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी इंग्लैंड के हैरो एवं वील्डस्टोन क्षेत्र स्थित अय्यप्पा मंदिर पहुँचे। इस अवसर पर स्थानीय परिजनों एवं श्रद्धालुओं द्वारा आयोजित विशेष यज्ञ कार्यक्रम में उन्होंने सहभागिता की।
कार्यक्रम के दौरान परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने यज्ञीय परंपरा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि व्यक्ति, परिवार, समाज एवं पर्यावरण के परिष्कार का वैज्ञानिक एवं आध्यात्मिक माध्यम है। उन्होंने युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा प्रतिपादित यज्ञ संस्कृति के वैश्विक महत्व को रेखांकित किया।
इस अवसर पर उन्होंने उपस्थित परिजनों को गुरुसत्ता का संदेश प्रदान करते हुए आत्मपरिष्कार, सेवा, साधना एवं स्वाध्याय को जीवन में अपनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जन्म शताब्दी वर्ष का उद्देश्य केवल उत्सव मनाना नहीं, बल्कि गुरुदेव के विचारों एवं जीवन मूल्यों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुँचाना है।
परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने भारतीय संस्कृति, अध्यात्म एवं मानवीय मूल्यों के संरक्षण एवं संवर्धन में प्रवासी भारतीय समुदाय की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए सभी को संगठनात्मक एकता एवं लोकमंगल के कार्यों में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। उपस्थित परिजनों ने यज्ञ एवं मार्गदर्शन से प्रेरणा प्राप्त करते हुए गुरुसत्ता के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने तथा जन्म शताब्दी वर्ष के अभियानों को गति देने का संकल्प लिया।

