जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी से आईं 180 बालिकाओं ने शांतिकुंज में लिया संस्कार एवं कौशल का प्रशिक्षण
जम्मू-कश्मीर के सुंदरबनी क्षेत्र से आईं 180 बालिकाओं का समूह इन दिनों गायत्री-तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित कन्या कौशल शिविर में सहभागिता कर रहा है। शिविर का उद्देश्य बालिकाओं के व्यक्तित्व विकास, संस्कार संवर्धन एवं जीवनोपयोगी कौशलों का विकास करना है।
इस क्रम में अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे। उन्होंने शिविरार्थी बालिकाओं से आत्मीय संवाद करते हुए उन्हें भारतीय संस्कृति, नैतिक मूल्यों, आत्मविश्वास एवं जीवन में उत्कृष्टता के प्रति प्रेरित किया।
इस अवसर पर शिविर में उपस्थित सभी 180 बालिकाओं के साथ आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का सामूहिक छायाचित्र भी लिया गया। शिविरार्थी बालिकाओं ने इस आत्मीय भेंट को अपने जीवन का प्रेरणादायी अनुभव बताते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।
उल्लेखनीय है कि शांतिकुंज में आयोजित ऐसे शिविरों के माध्यम से देश के विभिन्न क्षेत्रों से आने वाले युवाओं एवं बालिकाओं में संस्कार, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण की चेतना को जागृत करने का सतत प्रयास किया जा रहा है।

