शताब्दी वर्ष विशेष : वैंकूवर के स्थानीय मंदिर में सम्पन्न हुआ दीप-यज्ञ, परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने किया मार्गदर्शन
वैंकूवर, ब्रिटिश कोलंबिया (कनाडा)। जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे उत्तर अमेरिका प्रवास के क्रम में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी वैंकूवर स्थित एक स्थानीय मंदिर पहुँचे। इस अवसर पर श्रद्धा, संस्कार एवं आध्यात्मिक चेतना के वातावरण में एक भव्य दीप-यज्ञ का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय परिजनों के साथ-साथ क्षेत्र के अनेक गणमान्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम की विशेषता यह रही कि इसमें स्थानीय सांसद (एमपी) एवं मेयर ने भी सहभागिता कर भारतीय संस्कृति एवं यज्ञीय परंपराओं के प्रति सम्मान व्यक्त किया। दीप-यज्ञ के माध्यम से विश्व शांति, सामाजिक सद्भावना एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन का संदेश दिया गया।
इस अवसर पर परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों को साझा करते हुए कहा कि यज्ञ केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि श्रेष्ठ चिंतन, सेवा, त्याग और लोकमंगल की जीवनशैली का प्रतीक है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह को आत्मविकास, परिवार निर्माण और समाजोत्थान के लिए संस्कारों एवं आध्यात्मिक मूल्यों को जीवन में अपनाने की प्रेरणा दी।
अपने संबोधन में उन्होंने जन्म शताब्दी वर्ष के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने तथा भारतीय संस्कृति के सार्वभौमिक आदर्शों को वैश्विक स्तर पर स्थापित करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी परिजनों एवं अतिथियों ने उनके विचारों से प्रेरणा प्राप्त की तथा मानवता, सद्भावना और सांस्कृतिक जागरण के इस अभियान को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम का सम्पूर्ण वातावरण श्रद्धा, आत्मीयता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा।

