मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के निर्माण हेतु वैश्विक विशेषज्ञों ने साझा किए विचार
सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने विश्वभर से आए विशेषज्ञों एवं नीति-निर्माताओं के साथ विचार-विमर्श में सहभागिता की। इस अवसर पर International Federation of Red Cross and Red Crescent Societies (IFRC) के महासचिव जगन चपागेन, Geneva Centre for Security Policy (GCSP) के कार्यकारी निदेशक थॉमस ग्रेमिंगर, नोबेल शांति पुरस्कार विजेता जोडी विलियम्स, Strategic Foresight Group के संस्थापक एवं अध्यक्ष संदीप वासलेकर, International Campaign to Abolish Nuclear Weapons (ICAN) की कार्यकारी निदेशक मेलिसा पार्के, Inter-Parliamentary Union की महासचिव आंडा फिलिप, African Union की प्रतिनिधि लवीना रामकिसून, दक्षिण अफ्रीका के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार विभाग के प्रतिनिधि डेरिक स्वार्ट्ज, Geneva Science and Diplomacy Anticipator (GESDA) के कार्यकारी निदेशक मार्टिन म्यूलर तथा Concordia AI की क्वान यी एनजी सहित अनेक अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों ने अपने विचार प्रस्तुत किए।
सम्मेलन में कृत्रिम बुद्धिमत्ता से जुड़े संभावित अत्यधिक जोखिमों की समय रहते पहचान, सुरक्षित एवं उत्तरदायी तकनीकी विकास, वैश्विक समन्वय, साझा सुरक्षा मानकों तथा मानवीय मूल्यों पर आधारित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के निर्माण की आवश्यकता पर विशेष बल दिया गया। आदरणीय डॉ. पण्ड्या जी की इस वैश्विक सम्मेलन में सहभागिता विश्वविद्यालय की उस सतत प्रतिबद्धता को भी अभिव्यक्त करती है, जिसके अंतर्गत भारतीय ज्ञान परंपरा, नैतिक मूल्यों एवं वैज्ञानिक दृष्टिकोण के समन्वय के माध्यम से मानवता के कल्याण हेतु वैश्विक स्तर पर सार्थक योगदान दिया जा रहा है।
