देव संस्कृति विश्वविद्यालय में समान नागरिक संहिता पर हुआ राष्ट्रीय विमर्श
हरिद्वार, 15 अप्रैल 2025 — देव संस्कृति विश्वविद्यालय, शांतिकुंज हरिद्वार में उत्तराखंड शासन के उच्च शिक्षा विभाग के सहयोग से “अखंड भारत: समान नागरिक संहिता के परिप्रेक्ष्य में नागरिक कर्तव्य” विषय पर एक दिवसीय विशेष कार्यशाला का आयोजन अत्यंत सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। इस आयोजन का उद्देश्य भारतीय संविधान की मूल भावना—नागरिक अधिकारों और कर्तव्यों—को केंद्र में रखते हुए युवाओं को राष्ट्रीय चेतना, समानता और उत्तरदायित्व के विचार से सशक्त करना था।
इस अवसर पर उत्तराखंड राज्य के माननीय मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी जी मुख्य अतिथि एवं माननीय डॉ. धन सिंह रावत जी, उच्च शिक्षा मंत्री, उत्तराखंड सरकार, अति-विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे एवं अपने वक्तव्यों में समान नागरिक संहिता को भारत की एकता, न्याय और संवैधानिक समरसता के परिप्रेक्ष्य में महत्वपूर्ण बताया। इस अवसर पर प्रशासनिक, शैक्षणिक एवं न्यायिक जगत से जुड़े अनेक विशिष्टजनों जैसे आदरणीय श्री मनु गौड़ जी — सदस्य, यूजीसी ड्राफ्ट समिति, उत्तराखंड; आदरणीय डॉ. सुरेखा डंगवाल जी — कुलपति, दून विश्वविद्यालय; की भी गरिमामयी उपस्थिति रही।
कार्यक्रम का विशिष्ट मार्गदर्शन अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा, “नागरिक कर्तव्य केवल संवैधानिक शब्द नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति हमारी आंतरिक निष्ठा का प्रतिफल हैं। युवा यदि कर्तव्यनिष्ठ और नैतिक दृष्टिकोण से युक्त होंगे, तो संविधान की आत्मा जीवंत रहेगी।” डॉ. पंड्या ने इस बात पर भी बल दिया कि “अखंड भारत की संकल्पना केवल भौगोलिक एकता नहीं, बल्कि वैचारिक, सांस्कृतिक और नैतिक समरसता का प्रतिरूप है।”
कार्यशाला के केंद्रीय विषय समान नागरिक संहिता (UCC) पर चर्चा करते हुए वक्ताओं ने इसके सामाजिक, विधिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक आयामों को प्रस्तुत किया। यह स्पष्ट रूप से उभर कर आया कि समान नागरिक संहिता केवल कानून नहीं, बल्कि एक राष्ट्रीय दर्शन है, जो समता, न्याय और नागरिक चेतना की बुनियाद पर आधारित है।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय स्तर पर आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों ने अत्यंत उत्साहपूर्वक भाग लिया और उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। इस विशेष अवसर पर विशिष्ट अतिथियों ने विजयी प्रतिभागियों को मंच पर सम्मानित किया। इस दौरान डॉ. रंजीत सिन्हा, सचिव, उच्च शिक्षा विभाग, उत्तराखंड; श्री मनु गौड़, सदस्य यूसीसी ड्राफ्ट कमेटी; तथा डॉ. सुरेखा डंगवाल, कुलपति, दून विश्वविद्यालय उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का समापन आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी द्वारा “युग निर्माण संत संकल्प सूत्र” के सामूहिक पठन के साथ हुआ, जिसने उपस्थित सभी प्रतिभागियों में नवचेतना, राष्ट्रनिर्माण का संकल्प और नैतिक जागरण का संदेश गहराई से प्रवाहित किया।
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