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Magazine - Year 1957 - Version 2

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देश भर में नवरात्रि में गायत्री-उपासना की धूम

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मध्य-प्रदेश

कसराबद (नेमाड़) में नवरात्रि का विशाल आयोजन किया गया। जिसमें 863852 जप, 8355 चालीसा-पाठ हुये और हवन कुण्डों में दस हजार आहुतियाँ दी गयीं। इसमें काछीपुरे के साधकों ने पूर्ण सहयोग दिया। मैंने और पं. रामेश्वरजी उपाध्याय ने धर्म-फेरी लगाकर प्रचार किया तथा श्री शिवलालजी सर्राफ ने गायत्री साहित्य मुक्त हस्त से वितरण किया। यहाँ की बाल-शाखा के सदस्यों में भी माता के प्रति बड़ा उत्साह है। बाल सदस्यों तथा महिलाओं ने 39852 जप व 4735 पाठ किये। बच्चे स्वयं ही आपस में चन्दा करके यज्ञस्थल की व्यवस्था व सजावट कर लेते हैं।

-सन्तोष चन्द्र व्यास

ग्राम गाडरिया (सीवनी मालवा) में ब्रह्मास्त्र योजना के अंतर्गत पटैल श्री हरनारायणजी के स्थान पर नवरात्रि का समारोह बड़े सुन्दर रूप में सम्पन्न हुआ। सात उपासकों ने 24-24 हजार के अनुष्ठान किये और नौमी को रामायण का अखण्ड पारायण किया गया। पूर्णाहुति के अवसर पर जनता उपस्थित थी। इस पुनीत कार्य में श्री बैजनाथ प्रसाद स्कूल इंस्पेक्टर, कृपारामजी, श्री रामगोपाल जी तिवारी का सहयोग सराहनीय है। समस्त पण्डाल मथुरा से आये वेद-मन्त्रों तथा आचार्य जी के चित्र से सजाया गया था।

-गोबर्धन भट्ट शास्त्री

दिगौड़ा (टीकमगढ़) में 27 सदस्यों ने मिलकर सामूहिक जप 287000, चालीसा-पाठ 2016 तथा 4800 आहुतियों का हवन किया। 75 कन्याओं को भोजन कराया गया। यह आयोजन कालकादेवी, किला दिगौड़ा सम्पन्न हुआ जहाँ पर पं. गोविंद दास भार्गव ने नौ दिन का उपवास कर गायत्रीदेवी की प्रतिमा स्थापित की।

-बैजनाथ प्रसाद सोनकिया

भितरबार (ग्वालियर) में ता. 1 अक्टूबर को यज्ञ किया गया जिसमें एक हजार मंत्र लेखन भी हुआ। नौ दिन तक बराबर दुर्गा सप्तशती, रामायण गीता का पाठ होता रहा। इस कार्य में बिहारीलाल जी पाठक व किशनलालजी पाठक ने अकथनीय परिश्रम किया। एक गायत्री पुस्तकालय की स्थापना हुई। उसके लिए मैंने अपना एक स्वतंत्र कमरा सदैव को प्रदान कर दिया) ।

-बसन्तीलाल श्रीवास्तव

कुम्भराव (गुना) में नवरात्रि का आयोजन उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। यहाँ के गायत्री- प्रचार का श्रेय श्री हीरालालजी शर्मा वैद्य को है जो अपनी धर्म-पत्नी सहित इस पुण्य कार्य में पूर्ण रूप से संलग्न हैं।

-शम्भूसिंह रघुवंशी व भगवतप्रसाद शर्मा

दमोह में नवरात्रि का अनुष्ठान उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। दसवीं को कथा और ग्यारहवीं को कन्या भोजन किया गया। गायत्री-चालीसा व चित्र वितरण किये गये।

-अम्बिकाप्रसाद श्रीवास्तव

बुरहानपुर में नवरात्रि का आयोजन कुशलपूर्वक सम्पन्न हो गया। दशमी को हवन किया गया।

-नगीनदास टी. शह

चाँचौड़ा (गुना) में कई उत्साही सदस्यों ने सवा लाख जप का अनुष्ठान किया। ता. 2 को बगवाजेश्वर तपोभूमि पर यज्ञ भगवान व आचार्यजी के चित्र स्थापित कर सामूहिक हवन किया गया। श्री रमेशकुमार जी ने बड़ी उत्तमता से यज्ञ का संचालन किया।

-श्रीकृष्ण कौशल

रतलाम में नवरात्रि का समारोह कई उत्साही उपासकों द्वारा सम्पन्न हुआ।

-शिवशक्तिलाल शर्मा

सिरगिटी (बिलासपुर) में कई उपासकों ने 24-24 हजार के अनुष्ठान किये। यहाँ की महिलायें भी प्रचार में भाग ले रही हैं।

-राम नारायण लाल गुप्ता

देवरी (ग्वालियर) में अष्टमी को प्रातः 8 बजे से नवमी को प्रातः 8 बजे तक ग्रामवासियों की ओर से खड़े होकर अखण्ड कीर्तन किया गया। 10 बजे से सामूहिक यज्ञ व 2500 व्यक्तियों का भोजन हुआ दशहरे के दिन गायत्री-शाखा की ओर से सामूहिक यज्ञ हुआ। चालीसा वितरण किये गये।

-भानुप्रकाश कुलश्रेष्ठ

खड़ावदा (मन्दसौर) में दो लाख चालीस हजार जप व विजयदशमी को हवन किया गया। पूर्णाहुति के बाद ‘ध्वनि विस्तारक यंत्र द्वारा सामूहिक रूप से गायत्री-चालीसा वितरण किये गये’ और 100 कन्याओं एवं ब्राह्मणों को भोजन कराया गया।

-मन्त्री गायत्री परिवार

इन्दौर में नवरात्रि का अनुष्ठान विधिवत् करके विजयदशमी को हवन किया गया जिसमें श्री बालकृष्ण, कैलाश नारायण व महेन्द्र कुमार ने भाग लिया।

-सीताराम भगवानदासजी पण्डित

रामपुर, पुरानी बस्ती में नवरात्रि का आयोजन निर्विघ्न पूरा हो गया। ब्राह्मण-भोजन कराया गया।

-ब्रजमोहन लाल झा

सालेचौका रोड (होशंगाबाद) में ता. 24 सितम्बर को पं. हीरालालजी के भवन में गायत्री माता की स्थापना की गयी। वहाँ नित्य ही हवन और श्री दुर्गाप्रसाद जी ‘मानस भाव प्रवाही’ के प्रवचन हुआ करते थे। ता. 2 को रामचरित मानस का अखण्ड पाठ हुआ।

-डॉ. रामसरूप जैसवाल

खंडवा में गायत्री महायज्ञ कर्मयोगी श्री नन्दकिशोर जी उपाध्याय की अध्यक्षता में सानन्द सम्पन्न हो गया। नवमी के दिन पूर्णाहुति और भण्डारा हुआ।

-विष्णुदास

चाँपा (बिलासपुर) में 189540 जप व 753 चालीसा पाठ का आयोजन बड़े समारोह से सम्पन्न हुआ। नौ दिन तक अखण्ड -ज्योति जलती रही तथा रामायण का पाठ होता रहा। पूर्णाहुति का हवन बड़ी धूमधाम से हुआ जिसके अन्त में 40 कन्याओं को भोजन कराया गया व ब्रह्म-भोज भी हुआ।

-वैद्य पुनीराम

भरलाय (सीवनी मालवा) में नवरात्रि का कार्यक्रम माताजी की कृपा से सफलतापूर्वक हुआ। सेक्रे. रामप्रसादजी व श्री रामाधारीजी मालवीय की श्रद्धा विशेष सराहनीय है।

-शिवसत्यनारायण

भैरोंपुर (सीवनी मालवा) में नवरात्रि के अवसर पर गायत्री जप व चालीसा पाठ का अनुष्ठान किया गया। नौमी को चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। 3 महीने की अखण्ड -ज्योति रखी गयी है।

-भोजराज शर्मा पालीवाल

शाजापुर में नवरात्रि का अनुष्ठान निर्विघ्न व शाँतिपूर्वक समाप्त हुआ।

-पवनमुरारीलाल माधुर सीनियर एडवोकेट

गणेश गंज (टीकमगढ़) में जप व हवन का कार्यक्रम श्रद्धापूर्वक सम्पन्न हो गया। इसकी व्यवस्था देवीदत्त जी पाण्डेय (काकाजी) द्वारा हुई।

-जगतराम

खेरा पलारी (सिवनी) में नवरात्रि का आयोजन सफलता पूर्वक किया गया। एक लाख गायत्री जप व दशाँश हवन हुआ। ब्राह्मण भोजन कराया गया।

-रामनाथ शुक्ल

चन्द्रनगर (छतरपुर) में ता. 24 सित. से 2 अक्टूबर तक प्रतिदिन बजरंग कीर्तन मंडल द्वारा प्रभातफेरी निकालकर प्रचार किया गया। इसमें ग्राम की समस्त जनता ने पूर्ण सहयोग दिया और ता. 1 को सुबह से अखण्ड ज्योति जलाकर 24 घंटे का कीर्तन व हवन का कार्यक्रम शुरू हुआ। पूर्णाहुति के पश्चात ग्राम की समस्त कन्याओं, ब्राह्मणों और प्रत्येक घर में से एक व्यक्ति- इस प्रकार 2500 व्यक्तियों का सामूहिक भोज किया गया।

-गौरीशंकर शर्मा

तनोड़िया (शाजापुर) में नवरात्रि में कई उपासकों ने 24-24 हजार के अनुष्ठान किये। अन्तिम दिन हवन धूमधाम से हुआ।

-मुन्नीलाल कर्मयोगी

सेगाँव (नेमाड़) में लालबाई फूलबाई माठा के स्थान पर गायत्री जप का आयोजन किया गया जिसमें एक लाख से अधिक की संख्या में जप हुआ। मेरा भी अनुष्ठान नवमी को पूरा हुआ, दसवीं को कन्या-भोजन कराया।

-पढ़रीनाथ चतुर्वेदी

धरमपुरी (धार) में अनेक उपासकों ने श्रद्धापूर्वक गायत्री माता का अनुष्ठान किया और अन्तिम दिन दशाँश का हवन किया गया।

-बाबूलाल शर्मा

गवरा में नवरात्रि का अनुष्ठान व हवन यथाविधि सम्पन्न हो गया। रामायण का पारायण भी किया गया।

-बद्रीप्रसाद त्रिवेदी

सतना (रीवाँ) की गायत्री शाखा ने 6 लाख जप व 24 हजार आहुतियों का सामूहिक अनुष्ठान समारोह से सम्पन्न किया। पूर्णाहुति का दृश्य देखते ही बनता था। रेलवे के अनेक अधिकारियों और नगर के प्रसिद्ध सज्जनों ने भाग लेकर इसे सफल बनाया।

-राधारमण मिश्रा

जगोबट (झाबुआ) में जप, पाठ और हवन का सामूहिक कार्य सप्ताह आश्विन शुक्ला 10 को पूर्ण हुआ। शाखा कार्यालय में 9000, चित्रभानु सिंह जी के मकान पर 2400, बाबूलालजी एकाउन्टेन्ट के मकान पर 4500 आहुतियों के हवन क्रमशः हुए।

-दत्त प्रसाद शर्मा

हुलुनियाँ ग्राम (रामपुरा) में मंशापूर्ण महादेव के मन्दिर में गायत्री प्रेमियों ने अखण्ड-ज्योति स्थापित की। श्री मोहनपुरा जो महाराज तथा सेठ माँगीलाल ने निराहार रहकर 24-24 हजार का अनुष्ठान किया। पूर्णाहुति के पश्चात 101 ब्राह्मण तथा कन्याओं को भोजन कराया गया।

-माँगीलाल पोरवाल

धारोला (शाजापुर) में 8475 आहुतियों का हवन हनुमान मन्दिर पर किया गया। सब सदस्यों ने इस कार्य में उत्साहपूर्वक भाग लिया।

-शिवनारायण त्रिवेदी

जीरन (मँदसौर) में नवरात्रि का आयोजन सकुशल हो गया। विश्व-कल्याण के हेतु प्रतिदिन 5 माला का जप किया गया।

-पं. माँगीलाल ओझा

देड़तलाई (बिलासपुर) में गायत्री जप व हवन का अनुष्ठान किया गया।

-ईश्वरी प्रसाद श्रीवास्तव

लश्कर (ग्वालियर) में 1 लाख जप, 12 हजार आहुतियाँ व 251 चालीसा पाठ का आयोजन किया। जप समाप्ति पर श्री मुकुन्दीलाल सक्सेना तथा हवन समाप्ति पर शाखा की ओर से प्रसाद वितरण हुआ। इस अवसर पर गा.प. के कुलपति पं. श्रीराम शर्मा आचार्य का भी शुभागमन हुआ। इस कार्यक्रम को सफल बनाने में पुजारी पुरुषोत्तम शास्त्री, पं. चोखेलाल शर्मा तथा श्री नाथूराम पाठक आदि सदस्यों ने उत्साहपूर्वक सहयोग दिया।

-मुरलीघर डण्डौलिया

जावद (मँदसौर) में गायत्री परिवार ने 2 लाख जप व दशमी को 3250 आहुतियों का हवन किया। ता. 6 अक्टूबर को भी 20 सदस्यों ने 2160 आहुतियों का हवन किया। चालीसा की 400 पुस्तकें घर-घर जाकर वितरण की जायेंगी।

-बद्रीलाल नागदा

पेटलाबद (झाबुआ) 39 सदस्यों ने 412500 व 3200 चालीसा पाठ किये। इसके अतिरिक्त सुन्दरकाण्ड के 81 पाठ व भजन, कीर्तन आदि का कार्यक्रम रहा। नवमी को नीलकंठ महादेव की यज्ञशाला में 4000 आहुतियों का हवन करके आरती की गयी और प्रसाद बाँटा गया। विजयदशमी को गायत्री माता व शिवजी का हाथी पर विशाल जुलूस बैण्ड बाजा व लाउडस्पीकर के साथ निकाला गया। पेटलागढ़ से 6 मील दूर करवथा ग्राम में ठाकुर सा. वेणीमाधव सिंह जी ने सवालक्ष गायत्री जप व 1250 आहुतियों का हवन किया। इस कार्य में श्री देवीशंकर जी, हैडमास्टर व पूज्य माधवदासजी महाराज का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

-दामोदर प्रसाद नागर

बागोद (निमाढ़) में बाबा ओंकारगिरि की अध्यक्षता में 4500 आहुतियों का यज्ञ सानन्द सम्पन्न हुआ। जनता में माता के प्रति श्रद्धा उत्पन्न हो रही है। जिससे दो-तीन शाखायें शीघ्र ही खुल जायेंगी।

-रतनलाल सक्सेना

सुसनेर (शाजापुर) में गायत्री -परिवार के 19 साधकों ने 24-24 हजार के पुरश्चरण किये। श्री. विष्णुशंकरजी नाजिर ने सवालाख का जप निराहार रहकर तथा अखण्ड दीप जलाकर एक ही स्थान में किया। नवमी को गायत्री परिवार के साधकों का हवन हुआ, जिसमें 3360 आहुतियाँ हुई और विजय दशमी को विष्णुशंकर जी के यहाँ 2500 आहुतियों का हवन हुआ। सार्थकता गायत्री- परिवार का ब्रह्म-भोज हुआ।

-नन्दकिशोर शर्मा

पाडल्या (निमाड़) में कई साधकों ने जप किया और पं. श्यामलालजी के स्थान पर अन्तिम दिन हवन किया गया।

-रामेश्वर पन्ने

उमरिया कैम्प (शहडोल) में नवरात्रि के प्रथम दिन प्रातः काल ही ‘रघुपति राघव राजा राम’ का कीर्तन हुआ धर्मफेरी निकाली गई। यज्ञ भूमि मारुति मन्दिर के मैदान में मिक्स की गयी थी, जिसे आम के पल्लव, झाँकियों व फूलों द्वारा खूब सजाया गया था। विजय दशमी के दिन 2 मन हवन सामग्री से 39966 आहुतियाँ दी गई और 108 कन्याओं के अतिरिक्त अन्य कन्याओं तथा गरीबों को भोजन कराया गया। एक हजार जन समूह को प्रसाद बाँटा गया व 480 गायत्री चालीसा बाँटे गये। इस कार्यक्रम में सेठ जगतप्रसाद का कार्य अत्यन्त सराहनीय रहा।

-देवपाल द्विवेदी

तलवादा (धार) में गंगारामजी पाटोदार व नानुरामजी जीवनराम ने जप व हवन का आयोजन किया। एकादशी को रामायण का अखंड पारायण किया गया।

-रामलाल श्यामजी

भाटपारा (रायपुर) के कई सदस्यों ने 24-24 हजार के अनुष्ठान किये और नवमी को प्रत्येक व्यक्ति के हिसाब से 240 आहुतियाँ दी गई। इस कार्य को सफल बनाने में श्री जे. नरसिंह राव, डॉ. बी.एम. राव, आदित्त नारायण जी अग्रवाल तथा कुन्दन लाल जी शर्मा आदि सज्जनों से विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।

-नारायनदास भट्टड़

बीना (सागर) में आचार्यजी के आदेशानुसार अनेक उपासकों ने गायत्री का लघु अनुष्ठान व चालीसा के पाठ किये। दशमी को श्री विश्वनाथ सिंहजी इंस्ट्रक्टर रेलवे स्कूल के निवास स्थान पर गायत्री यज्ञ का आयोजन किया गया। पूर्णाहुति के बाद आरती व प्रसाद वितरण हुआ। महादान के लिये गायत्री साहित्य बाँटा गया। इस कार्य में श्री रमेशप्रसादजी दीक्षित, हरप्रसाद सिंह जी व विशेश्वरसिंहजी का सहयोग प्रशंसनीय था।

-शालिगराम दुबे

सोनासिली (रायपुर) में दस साधकों ने ढाई लाख जप, 1200 चालीस पाठ किये व 480 चालीसा वितरण किया। अन्तिम दिन 3 हजार आहुतियों का हवन किया गया। यहाँ 30 बालकों का एक दल संगठित किया गया है, जो धर्म-फेरी का कार्य बड़े उत्साह और श्रद्धा से करता है। इससे गायत्री का खूब प्रचार हो रहा है।

-ताराचन्द गायत्री-प्रचारक,

छोटी कसराबाद (मंडलेश्वर) में कितने ही उपासकों में चालीसा पाठ व गायत्री जप का अनुष्ठान किया। नौ सौ मंत्र लेखन किया गया। यहाँ अभी कार्य आरम्भ किया गया है, आगे चलकर प्रचार बढ़ेगा।

-किशोरसिंह, प्यारसिंह दसोंदी

अर्जुनी रोड़ (बालाघाट) में नवरात्रि की गायत्री उपासना हनुमान मन्दिर में ता. 24 सि. से शुरू की गई। इस कार्यक्रम में 35 साधकों ने भाग लिया जो प्रातः 4 बजे से रात के 10 बजे तक धर्म कार्यों में संलग्न रहते थे। 60 हजार आहुतियों का हवन हुआ और 240 चालीसा तथा 240 गायत्री चित्र नवमी को बाँटे गये। कुमारी कन्याओं को भोजन कराया गया और 1 मन का प्रसाद बाँटा गया। सर्वश्री सेठ चम्पालाल जी, बनारसीलाल जी अग्रवाल, शीतलप्रसादजी पाण्डे वैद्यराज, कंचन लाल जी अग्रवाल, रामेश्वरजी अग्रवाल, रामस्वरूपजी अग्रवाल, श्री लालसिंह ठाकुर, हरिलालजी अग्रवाल, चन्द्रलाल उजवने ने धन से सहायता देकर कार्य को सफल बनाया।

-मंत्री, गायत्री शाखा परिवार

लखनादौन (छिन्दवाड़ा) में 7 उपासकों ने 24-24 हजार के अनुष्ठान किये और 8 ने 108-108 गायत्री चालीस के जप। अन्तिम दिन हवन किया गया। शरद पूर्णिमा को भी 1300 आहुतियों का हवन किया गया।

-रमरतलाल गोल्हानी

शहडोल में 10 दिन तक गायत्री उपासना का अनुष्ठान किया गया, जिससे परम शाँति का अनुभव हुआ।

-दमजी के. जोशी

राजोद (धार) में नवरात्रि का कार्यक्रम बड़े उत्साह से सम्पन्न हुआ। नवमी को धोलगढ़ ग्राम में सात हजार आहुतियों का हवन किया गया। श्री मोहनलालजी देराश्री ने 240 गायत्री चालीसा प्रचार कार्ड दिये और एक हवन भी कराया। ता. 6 को भी काबरेश्वरनाथ महादेव के मन्दिर में हवन किया गया।

-विनायककराव पाठक

फत्यापुर (निमाड़) में 16 सदस्यों ने 24-24 हजार के अनुष्ठान किये और ता. 2 अक्टूबर को तीन यज्ञ कुण्डों में 39300 आहुतियाँ डाली गईं। पूर्णाहुति के बाद भजन, कीर्तन व प्रसाद वितरण किया गया। सामूहिक ब्रह्मभोज, कन्या-भोज का कार्यक्रम अत्यन्त सुन्दर ढंग से सम्पन्न हुआ।

-मंत्री गायत्री परिवार

कंटनी (जबलपुर) में 5 हवन कुण्डों में 24 हजार आहुतियों का यज्ञ किया गया। सौ. सुशीलादेवी नाग की प्रेरणा से महिलाओं में 240 चालीसा पाठ का कार्यक्रम सम्पन्न किया गया। सभी कार्यकर्ताओं ने उत्साह से भाग लिया जिनमें श्री. रामआसरे शुक्ला का कार्य विशेष सराहनीय रहा।

-रामकृष्ण डोंगरे

हठ्टा (दमोह) में निष्काम भाव से गायत्री चालीसा-पाठ का अनुष्ठान किया गया।

-कु. श्रद्धाबाई,

गरोठ (मन्दसोर) में गायत्री परिवार की ओर से 576500 जप, 6960 मंत्र लेखन, 2389 चालीसा-पाठ का अनुष्ठान किया गया। रात्रि के समय जनता द्वारा रामायण का पारायण किया जाता था। दशमी को ओंकारलालजी शास्त्री द्वारा 5 कुण्डों में लाउडस्पीकर से पूर्णाहुति की गई। एक कुँड महिलाओं के लिये अलग था। प्रसाद वितरण व कन्या-भोज कराया गया। श्रीशंकरलाल चौधरी, वासुदेवजी व रामबिलासजी चौधरी ने विशेष सहयोग दिया।

-शिवनारायण शर्मा

बिलासपुर में 45 सक्रिय सदस्यों के द्वारा दस लाख से अधिक जप और दस हजार आहुतियों का हवन किया गया। अनेक महिला, बाल, वृद्ध सदस्यों ने चालीस पाठ व मन्त्र लेखन किया। पूर्णाहुति के दिन पाँच हवन कुण्डों पर जिस समय आहुति पड़नी आरम्भ हुई, समस्त नगर लाउडस्पीकर द्वारा वेद मंत्रों की ध्वनि से गूँज उठा। सन्ध्या को 5 बजे वेदमाता का जुलूस निकला। स्थान-स्थान पर रथ को रोककर पुष्पमाला व नारियलों से आरती की गई। दशमी को 31 कन्याओं को भोजन कराया गया।

-मीनाराम पोद्दार

पटौद (बस्तर) में उपासकों ने 96000 जप व 285 चालीसा-पाठ का अनुष्ठान किया। दशमी के दिन श्री दयारामजी के निवास स्थान पर पूर्णाहुति का हवन किया गया।

-महभरदास कश्यप

रामपुरा (मन्दसौर) में नवमी के दिन नवरात्रि के अनुष्ठान की पूर्णाहुति की गई। गायत्री- परिवार के अतिरिक्त अन्य सम्माननीय सदस्यों ने भाग लिया।

-रामेश्वरधरप्रसाद

गोलना (उज्जैन) में नवरात्रि के प्रथम दिन से घट स्थापन करके 51 हजार जप किया गया व दशमी को 2100 आहुतियों का यज्ञ किया गया।

-पं. दयाशंकर शर्मा

राघोगढ़ (गुना) में आठ साधकों ने बड़े नियम और तपश्चर्या के साथ गायत्री जप किया। अधिकाँश ने नमक और शक्कर त्याग कर भोजन किया।

-कन्हैयालाल सोनी

राजघाट में 11 साधकों ने नवरात्रि का कार्यक्रम बड़े आनन्द से सम्पन्न किया। नौ दिन तक रामायण पाठ हुआ। पूर्णाहुति के दिन समस्त कार्य लाउडस्पीकर द्वारा हुआ, जिससे चारों ओर उत्साह की लहर दौड़ गयी। इस आयोजन में महंत देववमश्री, गंगाराम भाई, पर्वतसिंहजी, भंडसोई, नाहरसिंह जी, झबरसिंह जी तथा भोलेसिंह जी का प्रयत्न सराहनीय रहा।

-बंकटेश शर्मा

उत्तर-प्रदेश

लखनऊ में सदर और ऐश बाग की शाखाओं ने मिलकर ऐश बाग में ही पाँच हवन कुण्डों का यज्ञ किया। इसका कार्यक्रम 24 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक चलता रहा। पूर्णाहुति के दिन उत्तर प्रदेश के न्याय उपमंत्री श्री कश्मीरमण आचार्य और अन्य प्रमुख व्यक्तियों ने भाग लिया था। कुल दस हजार आहुतियों का हवन किया गया। सब कार्य बड़ी सुन्दरता से हुआ और सजावट तथा प्रबन्ध ने लोगों को मोह लिया। जिन लोगों ने दिन रात परिश्रम करके इसे सफल बनाया उनमें श्री हरवंश- लालजी शर्मा, रतनसिंहजी, के.एन. श्रीवास्तव आदि के नाम उल्लेखनीय हैं।

-मनमोहन शुक्ला

शाहजहाँपुर में श्री रामसिंहजी के स्थान पर 2400 आहुतियों का हवन बड़े सुन्दर ढंग से सम्पन्न हो गया। सभी उपासक पीले अंगोछा डाले, माला धारण किये, शुद्ध और सात्विक भाव से हवन कर रहे थे। 13 ता. को दूसरा बड़ा हवन 2400 आहुतियों का किया गया। जिसके लिये लोक-सभा के सदस्य सेठ विशनचन्द्रजी ने 25 रु. और 200 छोटे सैट प्रदान किये। इस कार्य में महावीरप्रसाद गुप्त व रामसिंह जी का परिश्रम सराहनीय है। शान्ति बाबू की निष्काम सेवा-भावना भी प्रशंसनीय थी।

-रंगेलाल शुक्ल, एवं महावीर प्रसाद गुप्त

बाँदा में 24000 का अनुष्ठान सकुशल समाप्त हो गया। गायत्री चालीसा के 240 पाठ और रामायण का नवान्हिक पारायण भी हुआ। ब्राह्मणों एवं कन्याओं को भोजन कराया गया।

-सुखदयाल राम

पुसावली (बदायूँ) में नवरात्रि का कार्यक्रम सामूहिक रूप से बड़े उत्साहपूर्वक सम्पन्न हो गया। प्रातः 3 बजे सबको उठाया जाता था, पश्चात स्नान करके नगर फेरी कीर्तन के साथ की जाती थी आरती, जप-पाठ हवन 8 बजे तक समाप्त होता था। नौमी को पूर्णाहुति का हवन करके ब्राह्मणों और कन्याओं को भोजन कराया गया। जप की संख्या 11884 और आहुतियों की 55600 हुई। गायत्री चालीसा के 2664 पाठ भी किये गये।

-गायत्री प्रसाद गुप्ता

आगरा के गायत्री परिवार की ओर से नवरात्रि का आयोजन छीपीटोला के दाऊजी के मन्दिर में किया गया। नित्य प्रातःकाल 6 से 7 तक सामूहिक जप तथा 7 से 8 तक हवन, चालीसा पाठ, गायत्री माता की आरती एवं प्रसाद वितरण होता रहा। सायंकाल 8 से 10 बजे तक नित्य भारतीय संस्कृति एवं धर्म के विभिन्न अंकों पर स्थानीय विद्वानों के प्रवचन होते रहे। 775600 मंत्रों का जप हुआ तथा 18076 आहुतियाँ दी गयीं। इसी अवसर पर एक कन्या ने दस हजार मंत्र लेखन का अनुष्ठान पूरा किया, जो पहले से चल रहा था।

-भगवानसहाय शुक्ल,

डेरापुर (कानपुर) में नवरात्रि का जप व हवन का कार्यक्रम सानन्द समाप्त हो गया। सात उपासकों ने 24 हजार के अनुष्ठान किये। अन्तिम दिन सभी ने अपने- अपने नारियल चढ़ाकर पूर्णाहुति दी। तत्पश्चात् ग्राम के समस्त बच्चों को प्रसाद वितरण किया गया।

-सतीशनारायण मिश्रा,

शादुल्लापुर (हरदोई) में नवरात्रि का सामूहिक अनुष्ठान बड़े समारोह से सम्पन्न हो गया। अष्टमी के दिन अखण्ड रामायण का पाठ आरम्भ किया गया और नौमी को पूर्णाहुति करके बीस कन्याओं को भोजन कराया गया व ग्रामीणों को प्रसाद बाँटा गया।

-मदनगोपाल शुक्ल,

डिबाई (बुलन्दशहर) में श्री बाँके लाल गुप्ता के यहाँ नवरात्रि का सामूहिक अनुष्ठान किया गया, जिसमें ठेकेदार ओमप्रकाशजी, डॉ. नन्दरामजी तथा अन्य सज्जनों ने भाग लिया।

-गोदावरीदेवी,

मझिया (हरदोई) में नौमी के दिन श्री नजदुनाथसिंह की चौपाल पर एक सामूहिक यज्ञ किया गया। दूसरे दिन विजयदशमी को ग्राम जरेत्री में भी एक बड़ा यज्ञ किया गया, जिसका जनता पर बड़ा अच्छा प्रभाव पड़ा। प्रसाद में गायत्री चालीसा वितरण किये गये। श्री विजय बहादुर सिंह का कार्य विशेष सराहनीय रहा।

-प्रभुदयाल वैद्य

अर्रुआ (आगरा) में नौमी को समस्त गायत्री परिवार ने मिलकर हवन किया और प्रसाद बाँटा गया। दूसरे दिन पं. जगतप्रसाद के घर पर सामूहिक हवन किया गया।

-रामप्रसाद शर्मा,

बारिगाँव (अलीगढ़) में नवरात्रि का अनुष्ठान सानन्द सम्पन्न हो गया दशमी को शरद ऋतु के अनुकूल सामग्री से हवन समाप्त किया गया। गायत्री चालीसा के पाठ किये गये और प्रीतिभोज तथा कन्या-भोजन कराया गया।

-जंगजीत शर्मा,

नानपारा (बहराइच) ता. 2 को नवरात्रि के उपलक्ष्य में विशेष जप व हवन का आयोजन किया गया।

-श्यामबिहारी

नोदमऊ (फर्रुखाबाद) में यदुनाथ सिंह जी और ता. 3 को मुन्शी सिंह जी के स्थान पर सामूहिक हवन के आयोजन किये गये। कन्या-भोजन कराया गया व चालीसा बाँटे गये। गायत्री प्रचार बढ़ रहा है।

-विश्वनाथ सिंह,

लोचीखेरा (उन्नाव) में नवरात्रि का कार्यक्रम भली प्रकार सम्पन्न हो गया। अन्तिम दिन हवन किया गया और कन्याओं को भोजन कराया गया।

-नर्मदा सिंह

सीतापुर (सुल्तानपुर) में नवरात्रि का सामूहिक सत्संग बड़ी उत्तम रीति से हुआ। नित्यप्रति धर्म फेरी निकलती थी जिसमें ‘शर्मा’ व्रतधारी ने हाथ बँटाया।

-हरगोविन्द त्रिपाठी,

बिजनौर में नवरात्रि के अवसर पर 20 उपासकों ने सवा लाख का और 28 उपासकों ने 24-24 हजार के अनुष्ठान किये। 52 सज्जनों ने चालीसा पाठ किये। 29 सि. से 2 अक्टू. तक गायत्री यज्ञशाला में श्रीमती विद्यावती के संरक्षण में महिलाओं का और पं. जगन्नाथ शर्मा के संरक्षण में पुरुषों का सामूहिक हवन व सत्संग हुए। यह समस्त आयोजन बड़े उत्साहपूर्वक सम्पन्न हुआ। यज्ञशाला की सजावट और उपासकों का उत्साह देखने योग्य था। मंगलवार को सामूहिक कीर्तन होता है। सत्संग दो घण्टे प्रतिदिन चलता है।

-अशरफी लाल

कुर्रा (हमीरपुर) में नवरात्रि के उपलक्ष्य में 3 लाख जप, 2300 चालीसा पाठ व 6 हजार आहुतियों का हवन विधिवत किया गया। नवमी के दिन प्रातः 7 बजे प्रभात-फेरी लगाकर 8 से 11 बजे तक पूर्णाहुति दी गई। फिर कीर्तन करके प्रसाद वितरण किया गया। श्री कालीचरण जी ने 1 वर्ष का अनुष्ठान करके आज ही सम्पूर्ण उपासकों सहित 7 हजार आहुतियों का हवन किया, एक सौ गायत्री- चालीसा वितरण किये गये।

-भगवानदीन शर्मा,

भाऊपुरा (इटावा) में नवरात्रि के अवसर पर 14 हवन हुए जिनमें बाल वृद्ध सभी ने भाग लिया। व्रतधारी पं. रामज्ञान शर्मा व रामअवतार जी शर्मा ने सक्रिय सहयोग दिया। प्रातःकाल शंखध्वनि होते ही सब उपासक नित्य कर्म आरम्भ कर देते थे। आयोजन पूर्ण रूप से सफल हुआ।

-विद्यासागर श्रीवास्तव

इटौआधुरा (बरेली) में ता. 2 अक्टूबर को 2970 आहुतियों का बृहद् यज्ञ हुआ। बहेढ़ी शाखा के मन्त्री भागीरथी ने आचार्य का और श्री बुद्धसेन जी ने ब्रह्म का कार्य सम्पादन किया। ग्रामीण जनता ने बड़ी संख्या में भाग लिया। इस यज्ञ को देखकर ग्रामीण जनता ने शीघ्र ही एक बड़ा यज्ञ कराने का अनुरोध किया है।

-डॉ. रामनारायन भटनागर

मऊरानीपुर (झाँसी) में नवरात्रि के अवसर पर 33 सदस्यों ने 1840 माला का जप व 87 सदस्यों ने 2784 चालीसा पाठ किये।

-मन्त्री गायत्री शाखा सभा,

बिलारी (मुरादाबाद) में पं. किशोरीलाल शर्मा के भवन पर लगभग 2500 आहुतियों का सामूहिक यज्ञ हुआ, जिसमें तीनों शाखाओं के सदस्यों ने भाग लिया था। श्री मक्खनलालजी सक्सेना के भवन पर 36 घण्टे का अखण्ड रामायण पाठ हुआ। मण्डप में अत्यन्त सुन्दर ढंग से बिजली की रोशनी की गई थी। कई महिलाओं और कन्याओं ने अपने-अपने घर पर प्रतिदिन सामूहिक यज्ञ किये। 12 सितम्बर को श्रीकृष्णकुमारजी भटनागर के भवन पर सामूहिक यज्ञ हुआ था। तत्पश्चात कीर्तन भी हुआ जो अपने ढंग का अद्वितीय था। 14 सितम्बर को साहू रामकुमार गुप्ता के यहाँ भी एक सामूहिक यज्ञ किया गया था।

-इच्छापूर्ण गौड़,

ललितपुर (झाँसी) में जप, मन्त्र-लेखन व हवन का आयोजन किया गया। यहाँ गायत्री पुस्तकालय की स्थापना का प्रयत्न किया जा रहा है।

-नाथूराम

गोंडा में नवरात्रि में जप और हवन का आयोजन किया गया। अनेक गायत्री प्रेमियों ने भाग लिया।

-टपेन्द्रनाथ चौबे

बरेली में सप्तमी से नवमी तक कालेश्वर के मंदिर में 7500 आहुतियों का यज्ञ किया गया। अब यहाँ की दोनों शाखायें सम्मिलित होकर कार्य कर रही हैं।

-पं. यशोदानन्दन मुनी

बड़ेसरा (अलीगढ़) में दस उपासकों ने 24-24 हजार का अनुष्ठान किया, जिनमें पाँच कन्यायें थीं। नवमी को सबने मिलकर सामूहिक यज्ञ व गायत्री- चालीसा का पाठ किया। ब्रह्म-भोज के विषय में सबको समझा दिया दिया गया कि कन्याओं को भोजन कराया जाय या गायत्री साहित्य बाँटा जाय।

-फुन्दीराम शर्मा

बेसँडी (फतेहपुर) में नवरात्रि में घर-घर जाकर ब्रह्मास्त्र अनुष्ठान की आवश्यकता समझाते हुये नये सदस्य बनाये गये। नौमी के दिन समस्त सदस्यों द्वारा सामूहिक हवन किया गया। 108 चालीसा वितरण किये गये।

-सत्यव्रत विद्यारत्न

भद्रपुर (फतेहपुर) में अनुष्ठान और नित्य प्रति की साधना के अनन्तर नवमी को सुव्यवस्थित रूप से हवन किया गया। चालीसा और रामचरित मानस का अखण्ड पारायण किया गया। श्रीराम आसरे सिंह जी (इब्राहिमपुर) से विशेष सहयोग मिला।

-रामाश्रय वर्मा एम.ए.

बलरामपुर (गोण्डा) में विश्व-कल्याणार्थ 258876 जप व 3132 आहुतियों को भोजन कराया गया। 240 गायत्री चालीसा बाँटे गये। लाला बनारसीदासजी ने इस कार्य में पूरा हिस्सा लेकर सफल बनाया। श्री जगदम्बाप्रसाद ने 24 हजार का अनुष्ठान बड़े परिश्रम से फलाहार पर किया।

-जगदेवप्रसाद त्रिपाठी,

कानपुर में श्री नारायनदत्तजी की अध्यक्षता में तपेश्वरीदेवी की पुण्य भूमि में 2 अक्टूबर को 40 नर-नारियों द्वारा विशाल गायत्री हवन किया गया। प्रसाद और चालीसा वितरण किये गये। गत 6 अक्टूबर को जगदीशपुर (उन्नाव) में श्री सावित्री देवी के निवास स्थान पर 1400 आहुतियों का गायत्री यज्ञ सम्पन्न किया गया। गाँव की अधिकाँश महिलाओं ने भाग लिया।

-अयोध्या प्रसाद दीक्षित

मझौला (पीलीभीत) में सामूहिक गायत्री साधना में 240 घंटे अखण्ड ज्योति जलाई गई, 34000 जप 24000 आहुतियाँ, 2400 मंत्र लेखन, 1000 गायत्री चालीसा पाठ, 500 गायत्री पुस्तक वितरण किया गया। पूर्णाहुति बड़े समारोह तथा विधिपूर्वक सम्पन्न हुई।

-लक्षमण सिंह मनराल

अलीगढ़ में ता. 2 अक्टूबर को लाख गायत्री जप के उपलक्ष्य में 7500 आहुतियों का हवन किया गया, जो दिन के 10 बजे से 2 बजे तक चलता रहा। श्रीचन्द्रपाल शास्त्री यज्ञाचार्य के पद पर तथा पं. रमेशचन्द्र शर्मा ब्रह्म पद पर आसीन रहे। कन्या-भोजन, ब्राह्मण-भोजन, गायत्री-साहित्य-वितरण के अतिरिक्त 5 रु. गायत्री तपोभूमि को भेंट दिये जाने का संकल्प कराया गया। इस कार्य में श्रीरामप्रकाशजी तथा केदारनाथजी ने विशेष हाथ बँटाया।

-श्रीराम पाण्डेय

बिजौली (फतेहपुर) में नवरात्रि का कार्यक्रम बड़े समारोह से मनाया गया। इस अवसर पर दो सामूहिक यज्ञ किये गये। पहला यज्ञ श्री रामसनेही वर्मा के यहाँ और दूसरा श्री महाबीरसिंह के यहाँ सम्पन्न हुआ। 2200 मन्त्र लेखन किया गया।

-रामसनेही वर्मा

प्रमोद कुँज घुमनी (बहराइच) में सवालाख के दो अनुष्ठान पूरे होकर 8 हजार आहुतियों का विधिवत् हवन किया गया। 240 चालीसा वितरण किये गये। यज्ञशाला का निर्माण, सजावट तथा संचालन में तपोभूमि मथुरा के स्नातक कौशलकिशोर ने अच्छी पटुता का परिचय दिया। यज्ञ की सफलता में शिवप्रसाद शुक्ल (समदा) ने पूरा सहयोग दिया।

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