शताब्दी वर्ष विशेष : सिएटल पहुँचे परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी, परिजनों को मिला गुरुसत्ता का स्नेह एवं आशीर्वाद
सिएटल, वाशिंगटन (अमेरिका)। जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे उत्तर अमेरिका प्रवास के अगले चरण में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी अमेरिका के वाशिंगटन राज्य स्थित सिएटल नगर पहुँचे। उनके आगमन पर स्थानीय परिजनों एवं कार्यकर्ताओं ने अत्यंत श्रद्धा, आत्मीयता एवं उत्साह के साथ उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने स्थानीय परिजनों से आत्मीय भेंट कर उनकी कुशलक्षेम जानी तथा मिशन की गतिविधियों एवं सेवा कार्यों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने सभी परिजनों को गुरुसत्ता का स्नेह, आशीर्वाद एवं प्रेरणा प्रदान करते हुए जन्म शताब्दी वर्ष के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि गुरुसत्ता का संदेश आत्मपरिष्कार, परिवार निर्माण और समाजोत्थान का संदेश है। उन्होंने परिजनों से आग्रह किया कि वे सेवा, साधना एवं स्वाध्याय को अपने जीवन का अभिन्न अंग बनाते हुए भारतीय संस्कृति एवं मानवीय मूल्यों के प्रसार में सक्रिय भूमिका निभाएँ।
परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने स्थानीय कार्यकर्ताओं के समर्पण एवं मिशन के प्रति उनकी निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि विदेशों में भारतीय संस्कृति, अध्यात्म एवं संस्कारों का संरक्षण और संवर्धन अत्यंत महत्वपूर्ण दायित्व है। उन्होंने सभी को संगठनात्मक एकता एवं सकारात्मक सामाजिक परिवर्तन के लिए निरंतर कार्य करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम का वातावरण श्रद्धा, आत्मीयता एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। उपस्थित परिजनों ने गुरुसत्ता के विचारों को अधिकाधिक लोगों तक पहुँचाने तथा जन्म शताब्दी वर्ष के अभियानों को नई गति प्रदान करने का संकल्प व्यक्त किया।

