251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ में आदरणीय डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी का प्रेरणादायी प्रवास
उत्तर प्रदेश के निघासन (लखीमपुर-खीरी) क्षेत्र में 1 से 5 जनवरी 2026 तक 251 कुण्डीय विराट गायत्री महायज्ञ के दीपयज्ञ कार्यक्रम में आदरणीय डॉक्टर चिन्मय पंड्या जी, प्रतिनिधि अखिल विश्व गायत्री परिवार शांतिकुंज हरिद्वार, प्रतिकुलपति देव संस्कृति विश्वविद्यालय का आगमन हुआ।
उन्होंने युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के संदेशों के साथ परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के त्याग, तप और साधना से प्रेरित युग निर्माण के आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाया।
इस अवसर पर उन्होंने अखंड दीपक के शताब्दी वर्ष के संदेश को रेखांकित करते हुए भारत की धर्म की शक्ति, उनके निवासियों की त्याग की वृत्ति का उदाहरण देते हुए जीवन को युग ऋषि के स्वप्न को साकार करने के लिए आगे आने का आवाहन किया।
निघासन क्षेत्र की आध्यात्मिक भूमि पर आयोजित यह विराट आयोजन संस्कार जागरण, सामाजिक समरसता और लोककल्याण की भावना को सशक्त करता है। नेपाल–भारत सीमांत क्षेत्र में इस प्रकार का विराट यज्ञ जहां 1 लाख से अधिक लोगों की दीपयज्ञ में भागीदारी गायत्री परिवार की युगचेतना के विस्तार का सशक्त उदाहरण है।
वर्ष 2026, परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी एवं अखंड दीपक के शताब्दी वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। यह शताब्दी वर्ष युगऋषि के युग निर्माण मिशन की अखंड साधना, त्याग और सेवा परंपरा का जीवंत प्रतीक है। निघासन में आयोजित यह 251 कुण्डीय गायत्री महायज्ञ एवं दीपयज्ञ कार्यक्रम का प्रवास शताब्दी वर्ष के संकल्पों को जन-जन तक पहुँचाते हेतु सशक्त माध्यम रहा।
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