स्वामी विवेकानंद जयंती: राष्ट्र निर्माण के लिए मूल्यनिष्ठ, साहसी और करुणाशील युवाशक्ति का आह्वान
स्वामी विवेकानंद—वह तेजस्वी चेतना, जिन्होंने भारत की आत्मा को विश्वमंच पर प्रतिष्ठित किया और युवाओंको आत्मबल, सेवा एवं चरित्र निर्माण का मंत्र दिया।
उनके अनुसार युवा केवल आयु नहीं, बल्कि साहस, संकल्प और आदर्शों से पहचाने जाते हैं। राष्ट्रीय युवा दिवस हमें स्मरण कराता है कि राष्ट्र निर्माण का दायित्व सबसे पहले जागरूक और मूल्यनिष्ठ युवाशक्ति पर ही है। आज आवश्यकता है ऐसे युवाओं की, जो ज्ञान के साथ करुणा, और शक्ति के साथ संयम को जीवन में उतारें।
आइए, इस पावन अवसर पर हम स्वामी विवेकानंद जी के विचारों को केवल स्मरण न करें, बल्कि अपने आचरण और समाज-निर्माण के संकल्प में साकार करें।
इसी भाव के साथ आप सभी को स्वामी विवेकानंद जयंती एवं युवा दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ।
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