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Magazine - Year 1957 - Version 2

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धर्म-प्रेमियों के सराहनीय प्रयत्न

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आगरा (मालवा) में श्रावण मास में लघु अनुष्ठान सामूहिक रूप से आरम्भ हो गया है। श्री गोपीलाल जी भावसार तथा श्री चतुर्भुज जी के प्रयत्न से अखण्ड ज्योति श्री बैजनाथ महादेव मंदिर में आषाढ़ी पूर्णिमा से प्रारम्भ हो गई है।

-नन्दकिशोर गर्ग

नरवर (आगरा) के गायत्री प्रेमियों ने अन्य स्थानों के उपासकों के साथ मिलकर 24 करोड़ जप व 24 लक्ष आहुतियों के यज्ञ की योजना बनाई है। यह कार्तिक सुदी से प्रारम्भ होकर एक वर्ष तक जारी रहेगी और यज्ञ संवत् 2015 के कार्तिक में किया जायेगा। इस योजना को सफल बनाने का पूरा प्रयत्न किया जा रहा है।

-रामरतन शर्मा

घुरुट (जालौन) में गुरुपूर्णिमा पर सवा मन सामग्री का हवन कराया गया और श्रीमद्भागवत का पारायण हुआ। इसी दिन ओंता क्षेत्र में नवकुण्डी गायत्री महायज्ञ करने का निश्चय किया गया, जिसके लिये अनेक स्थानीय सज्जनों ने प्रतिज्ञा की है।

-शिवशास्त्री

गोरखमढ़ी (सौराष्ट्र) में 24 लक्ष गायत्री जप का दशाँश हवन बड़े समारोह से सम्पन्न हो गया। 5 दिन तक लगभग 150 मनुष्यों के निवास और भोजन की व्यवस्था बड़े सुन्दर ढंग से की गई। यज्ञ कार्य प्रसिद्ध विद्वानों द्वारा सम्पन्न कराया गया।

-हरिलाल दामोदर

ब्रह्म वाटिका (आकेली) में सवालक्ष गायत्री यज्ञ पं. विद्याधर शास्त्री और ब्र. देवेन्द्रकुमार शास्त्री की देख−रेख में सम्पन्न हुआ। आरती के समय लगभग 300 व्यक्तियों की भीड़ थी। भोग और प्रसाद वितरण भी हुआ।

-मन्त्री, शाखा सभा

व्यावर (राजस्थान) में 24 लक्ष जप व सवा लक्ष आहुति के 11 हवन कुण्डों के यज्ञ का आयोजन किया गया है। यह अनन्त 14 से शरद पूर्णिमा तक चालू रहेगा।

-मोहनलाल शर्मा

राजस्थान तथा समीपवर्ती म.प्र. के गायत्री शाखा सदस्यों का सम्मेलन कोटा में 5 सितम्बर से 8 सितम्बर तक होना निश्चय हुआ है। यज्ञ में सत्संग रचनात्मक कार्य करने की प्रेरणा, प्रवचन आदि का आयोजन किया गया है। -शम्भूसिंह हाड़ा

राजपुर (मालवा) में विश्व कल्याण हेतु गायत्री यज्ञ का सामूहिक आयोजन 1 अगस्त 57 से 4 अगस्त तक किया गया है। विद्वानों के उपदेश और संगीत आदि की व्यवस्था रहेगी।

-बलवन्तराव मंडलोई

ध्राँगध्रा (गुजरात) में ता. 30 जून को 24 हजार जप व 2400 आहुतियों का हवन किया और श्री ईश्वरलाल भट्ट ने ब्रह्मभोज कराया। यही कार्यक्रम 21 जुलाई को भी किया गया। अब श्रावण में सवालक्ष के सामूहिक अनुष्ठान की तैयारी हो रही है।

-हीरालाल दलपतराम महेता

राजापुर (खीरी लखीमपुर) में ता. 10 व 11 जुलाई को गायत्री महायज्ञ समारोह पूर्वक किया गया। स्वामी कृपा शंकर जी (गायत्री तपोभूमि मथुरा के प्रचारक) तथा स्वामी सर्वदानन्द जी के महत्वपूर्ण प्रवचन हुये और गायत्री साहित्य बाँटा गया। अनेक भाइयों ने बीड़ी तम्बाकू आदि दुर्व्यसन छोड़ने का निश्चय किया।

-मनोहरलाल दीक्षित

जावरा (म.प्र.) में गुरुपूर्णिमा पर सामूहिक हवन और आचार्य जी के फोटो का पूजन किया गया। सी.टी. कालेज के वाइस प्रिंसिपल श्री सुरोकिया जी, श्री नौसाकिया जी एम.ए. एल.एल.बी. तथा श्री जोशी जी आदि ने प्रेम पूर्वक भाग लेकर समारोह को सफल बनाया।

-जे.एम. देशमुख

कोटा से होने वाले राजस्थान प्रान्तीय गायत्री सम्मेलन की तिथियाँ 5 से 8 सितम्बर तक निश्चित की गई हैं। ता. 5 को प्रातःकाल ही आचार्य जी का स्वागत किया जायेगा और दिन में दो बजे पीत वस्त्रधारी गायत्री उपासकों का जल-यात्रा समारोह होगा। इसके पश्चात् प्रतिदिन प्रातः 6 से 10.30 बजे तक 5 कुण्डों पर हवन होगा और 2.30 बजे से 5.30 बजे तक आपसी परिचय, विचार-विनिमय तथा आचार्यजी के साँस्कृतिक योजना पर वार्तालाप होंगे। रात्रि में 8 से 10.30 तक विद्वानों, कर्मठ उपासकों तथा आचार्यजी के सामान्य जनता में प्रवचन होंगे। राजस्थान और कोटा के आसपास की मध्य प्रान्तीय समस्त गायत्री शाखाओं से आग्रह है कि अपना एक प्रतिनिधि तो अवश्य भेजें। देर से समाचार मिलने वाली शाखाओं के प्रतिनिधि बिना सूचना दिये भी सम्मेलन में भाग ले सकते हैं, पर उनको अपनी शाखा के मंत्री का परिचय-पत्र साथ में लाना आवश्यक है। सम्मेलन और यज्ञ टिपटा मौहल्ला, गोविन्द देवजी का मंदिर, माणिक्य धर्मशाला, पाटनपोल, कोटा में होगा।

मार्फत- गोविन्द देवजी का मंदिर, टिपटा, कोटा, (राजस्थान)

-शम्भूंसिंह हाड़ा

खूड़ (राजस्थान) में माड़ोता ग्राम के अंतर्गत चन्द्रलालजी के स्थान पर गायत्री-यज्ञ और हरिकीर्तन किया गया। प्रमुख यज्ञकर्ता रामगोपालजी वैद्य थे। गुरुपूर्णिमा को ग्राम हर्ष में कन्हैयालाल वैद्य ने यज्ञ कराया।

-श्यामसुन्दर शर्मा, रामनिवास शर्मा

टाटा नगर में ता. 21 जुलाई को गायत्री उपासकों ने 1844 आहुतियों का सामूहिक हवन किया।

-नगदनारायण शर्मा

बन्हनी बाजार (बिलासपुर) में गुरुपूर्णिमा को गायत्री माता की झाँकी बनाई गई। जिसमें प्रभातफेरी गाजे बाजे के साथ निकाली गई। 9 बे से 5 हजार आहुतियों का यज्ञ किया गया, जिसमें ग्राम के प्रत्येक परिवार ने भाग लिया। मंत्री कन्हाईदास जी वैष्णव का प्रवचन हुआ।

-मोहनलाल गुप्ता

नागपुर में गुरुपूर्णिमा को 4 हजार आहुतियों का सामूहिक हवन बड़े समारोह से हुआ। इसके पहले 34 सदस्यों ने 2 लाख 88 हजार जप का अनुष्ठान किया था।

-मोरेश्वर रामचन्द्र परघी

मझोला (पीलीभीत) में सवालक्ष का अनुष्ठान पूर्ण करके ता. 21 जुलाई को सामूहिक हवन किया गया। इसके बाद ही जोर की वर्षा हुई जिससे समस्त ग्राम निवासी बड़े हर्षित हुये।

-लक्ष्मणसिंह मनराल

अलीगढ़ में गुरुपूर्णिमा पर सुरेशचन्द्र जैसवाल के मकान पर गुरुपूजा की गई। वर्षा के कारण हवन 14 ता. को किया गया जिसमें 5 कुण्डों में 40 उपासकों ने आहुतियाँ दीं। श्री चन्द्रपाल शास्त्री ने आचार्य और महावीरप्रसादजी ज्योतिषी ने ब्रह्मा का कार्य सम्पादन किया।

-श्रीराम पाण्डे

निघासन (लखीमपुर खीरी) में सवालक्ष आहुतियों का गायत्री यज्ञ किया गया जिसके संयोजक श्री शिव भगवान प्रसाद अग्निहोत्री व लालजी प्रसाद मिश्रा थे। आस पास के स्थानों के बहुसंख्यक गायत्री उपासक एकत्रित हुये।

-मन्त्री गायत्री शाखा निघासन

जासलपुर (होशंगाबाद) में गुरुपूर्णिमा को वेद माता व आचार्यजी के चित्रों का पूजन बड़ी श्रद्धा से किया गया। इसके पूर्व ता. 8 जुलाई को पं. वाला रामजी शर्मा का देहान्त हो चुका था इससे अधिक समारोह न किया जा सका।

-पु.आ. सरवरे

सीवनी मालया (म.प्र.) में ता. 21 जुलाई को श्रीकृपारामजी सिद्धाँत शास्त्री के स्थान पर सामूहिक गायत्री यज्ञ हुआ जिसमें 40 उपासकों ने भाग लिया। नगर के अनेक सज्जनों ने भी दर्शन का लाभ उठाया।

-गोवर्द्धन भट्ट शास्त्री

सुसनेर (शाजापुर मध्यप्राँत) में 76 हवन हो चुके हैं। 108वाँ हवन विशाल रूप में करने का आयोजन है। उसमें बाहर के गायत्री उपासकों को भी निमंत्रित किया जायेगा।

-नन्दकिशोर शर्मा

श्रीमती हर होलीनेस माताजी सा. जगद्गुरु श्रीशंकराचार्य जी महाराज, मठ, भानपुर (जि. मन्दसौर) आजकल मध्य भारत तथा राजस्थान के आगर, मंदसौर, अलोट, बड़ौद, झालरापाटन, भवानी मंडी, शामगढ़, सुसनेर आदि अनेक स्थानों में- भ्रमण करके गायत्री- प्रचार कर रही हैं। वे विशेष रूप से माताओं और बहिनों को ईश्वर उपासना और जप का उपदेश देती हैं जो जनता को बहुत आकर्षित करता है।

-द्वारिकादास

खिरखिरी (पो. कराहल जिला मुरैना) में 21 कुण्डों का विशाल महायज्ञ ता. 6-10-57 से 8-10-67 तक होगा जिसमें गायत्री परिवार के कुलपति पं. श्रीरामजी और अनेक संत, महात्मा, नैष्ठिक गायत्री उपासक सम्मिलित होकर अपने अमूल्य उपदेशों से जनता का कल्याण करेंगे। बाहर से आने वाले गायत्री उपासकों के ठहरने तथा भोजन की व्यवस्था निःशुल्क रखी गई है। श्यौपुर से शिवपुरी, लश्कर होकर मुरैना जाने वाली मोटर बसें कराहल होकर ही गुजरती हैं। कराहल में उतर जाने पर गायत्री-परिवार के स्वयंसेवक मिल जायेंगे जो आपको सवारियों द्वारा यज्ञ-स्थल तक पहुँचा देंगे; ठीक पता ज्ञान न होने, व अन्य किसी कारण से जिन शाखाओं को हमारा निमंत्रण न पहुँच सके वे इस विज्ञप्ति को ही निमंत्रण समझ कर अपना प्रतिनिधि अवश्य भेजने की कृपा करें।

-प्रसादलाल शर्मा ‘दिनेश’

डमोडा (गुजरात) में ता. 6 अगस्त को गायत्री परिवार द्वारा 5000 आहुतियों का हवन हुआ। रात्रि को सत्संग एवं प्रवचनों का कार्यक्रम रहा। गायत्री परिवार का कार्य अधिक उत्साह से करने का निश्चय किया गया।

-हरिप्रसाद जानी

चंपा (विलासपुर) में ता. 27 जुलाई को सामूहिक हवन तथा 50 कुँवारी कन्याओं का भोजन समारोह पूर्वक हुआ। अन्य सदस्यों को प्रसाद वितरण किया गया। यह कार्य यहाँ के वैद्यराज पुनीरामजी द्वारा सम्पन्न हुआ। आप गायत्री माता का सहारा लेकर इलाज करते हैं और हमेशा सफल होते हैं। मरीजों के साथ भी आपका बर्ताव बड़ी दया का होता है और जो गरीब आदमी इलाज का पूरा खर्च नहीं दे सकते उनसे जो कुछ वे दे सकते हैं वही ले लेते हैं।

नवाबगंज (बरेली) में गायत्री परिवार की ओर से स्थानीय शिवालय में श्रावण कृष्णा 12-13 को रामायण का अखण्ड पाठ किया गया। कीर्तन और प्रसाद वितरण भी हुआ। पं. बाबूराम शर्मा ने इस में विशेष प्रयत्न किया।

-प्रभा प्रताप शुक्ल

सतना (बुन्देलखण्ड) में नागपंचमी के अवसर पर सामूहिक जप और हवन का आयोजन समारोह पूर्वक सम्पन्न हुआ। हम ने जो 24 लक्ष सामूहिक जप का निश्चय किया है, इस हवन से उसमें प्रगति मिली।

-राधारमण मित्र

मिर्जापुर (कोटा, राजस्थान) में गायत्री परिवार ने तीन हजार आहुतियों का सामूहिक यज्ञ किया। गाँव में प्रसाद बाँटा गया।

-सुदर्शन गुप्ता

मुरादपुर माती (जि. सुल्तानपुर) में स्वामी दाताराम के स्थान पर सामूहिक गायत्री यज्ञ किया गया। श्रावण कृष्णा एकादशी को हरीपुर में उमाशंकर जी गुप्त के यहाँ और श्रावण सुदी 11 को पिपरा में श्री चन्द्रिका प्रसाद जी शर्मा के यहाँ सत्संग हुआ।

-रामसहाय शर्मा

कोयला (राजस्थान) में ता. 18 जुलाई को श्री. शम्भूसिंह हाड़ा, श्रीकृष्णजी शर्मा आदि कई प्रमुख गायत्री प्रचारक पधारे। शम्भूसिंहजी का गायत्री मंत्र के जपने के विषय में बड़ा रोचक व प्रभावशाली भाषण हुआ। रविवार को इन्हीं सज्जनों की उपस्थिति में सामूहिक गायत्री हवन हुआ। यहाँ अगहन सुदी 9 से 11 तक चौबीस लाख जप व चौबीस हजार आहुतियों का महायज्ञ होना निश्चित हुआ है।

-सरदारमल गौतम

चन्दन पुखरिया (हमीरपुर) में अगहन सुदी में मंदिर में गायत्री देवी की प्राण प्रतिष्ठा होगी और 24 हजार आहुतियों का यज्ञ किया जायेगा।

-रघुबर दयार शर्मा

चेचट (कोटा) में मुँशी मोतीलाल जी, गोविन्दलाल जी मास्टर मदनलाल जी, कन्हैयालाल गौतम के यहाँ 4 सामूहिक हवन जुलाई मास में प्रत्येक रविवार को हुये।

-कन्हैयालाल गौतम

कानपुर में बलखंडेश्वर मंदिर के पास गायत्री सामूहिक यज्ञ 40 व्यक्तियों द्वारा बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ। तत्पश्चात् गायत्री तथा यज्ञ के महत्व पर प्रवचन हुआ।

-अयोध्या प्रसाद दीक्षित

महोवा (हमीरपुर) जनवरी 1958 में एक विशाल गायत्री यज्ञ का आयोजन किया जा रहा है।

-प्रेमचन्द अग्रवाल

हापुड़ (मेरठ) में गुरुपूर्णिमा पर 4 दिन तक विशद् गायत्री महायज्ञ किया गया। यज्ञ के यजमान श्री रघुबीर शरण जी तथा आचार्य ओमप्रकाशजी शास्त्री थे। ब्रह्मभोज हुआ और 9 व्यक्तियों का यज्ञोपवीत संस्कार हुआ।

-लालमणि शर्मा

बन्धी (जबलपुर) में श्रावण की अमावस्या को गायत्री उपासकों ने 24 घंटे का अखण्ड कीर्तन और जप तथा हवन का आयोजन किया। बाद में 60-70 कन्याओं और 60 लड़कों ने खीर पूरी का भोजन किया। इस कार्य में समस्त ग्राम वासियों ने चन्दा दिया और यज्ञ में दो सौ ग्राम निवासी सम्मिलित हुये।

-सुदर्शन प्रसाद पाण्डे

रायपुरवा (झाबुआ) में गुरुपूर्णिमा को सामूहिक जप व हवन हुआ और 24 घंटे अखंड रामायण पाठ हुआ। 5 पाठ एक साथ हुये।

-बेसाव गोपालदास हरिव्यास

काशीपुर (बदायूँ) में गुरुपूर्णिमा को श्री मुँशीलाल शर्मा द्वारा एक हजार आहुतियों का सामूहिक यज्ञ पूर्ण विधान से सम्पन्न हुआ। दर्शकों की अत्यधिक भीड़ थी। असदपुर नामक ग्राम में श्रीमद्भागवत की कथा सुनी गई। यह कथा 137 वर्ष से लगातार चालू है।

-ओमप्रकाश मित्तल

कराहल (ग्वालियर) में गुरुपूर्णिमा का उत्सव तीन दिन मनाया गया। प्रथम दिन पुरुषों का हवन हुआ, दूसरे दिन महिलाओं और तीसरे दिन सार्वजनिक। पूर्णिमा को 101 ब्राह्मण भोजन कराया गया व चित्र और चालीसा बाँटे गये।

-रामस्वरूप शर्मा

धारोला (शाजापुर) में 5 साधकों ने श्रावण मास में सवा-सवा लक्ष का अनुष्ठान किया।

-मंत्री शाखा सभा

झाँसी में गुरुपूर्णिमा के अवसर पर श्री दुर्गाप्रसाद श्रीवास्तव के स्थान पर 73 हजार गायत्री-जप किया गया और सहस्रों नर-नारियों की उपस्थिति में पूर्णाहुति की गई। यज्ञ भगवान के समक्ष व्रतधारियों ने अपनी प्रतिज्ञा दुहराई एवं सात्विकता से रहने का निश्चय किया।

-गिरिजा सहाय खरे

सुसनेर (जि. शाजापुर) में ता. 8 अगस्त को श्रीरामलाल स्वर्णकार ने एक सामूहिक यज्ञ 1500 आहुतियों का कराया। रक्षाबंधन के दिन श्री विष्णुशंकर जी नाजिर के यहाँ एक हजार आहुतियों का सामूहिक हवन किया गया। ता. 18 को सत्यनारायण जी एम.ए., एल.एल.बी. मैजिस्ट्रेट के यहाँ डेढ़ हजार आहुतियों का यज्ञ हुआ। यह 80 नम्बर का हवन है। 108 हवन की पूर्णाहुति कोटा सम्मेलन के अवसर पर होगी जिसमें आचार्य जी का बुलाने का प्रस्ताव किया गया है।

-नन्दकिशोर शर्मा

सागोजवाड़ी (काला हान्डी) में ता. 4 अगस्त को सभी गायत्री उपासकों ने सामूहिक जप और यज्ञ किया। इसमें 6 महिलाओं ने भी भाग लिया।

-विनायक प्रसाद शर्मा

खाग गाँव (बरार) में रक्षाबंधन के अवसर पर 2400 आहुतियों का हवन बड़े समारोह पूर्वक किया गया।

-मुरलीधर के पाटील

मऊरानीपुर (बाँदा) में गायत्री परिवार के सदस्यों की संख्या 116 तक पहुँच गई है और 750 नर-नारी गायत्री चालीसा का पाठ करते हैं। प्रतिदिन गायत्री-यज्ञ किया जाता है।

-सालिगराम पाण्डेय

छिबरामऊ (फर्रखाबाद) में श्रावणी के दिन एक हजार आहुतियों का सामूहिक यज्ञ किया गया।

-कृष्णा कुमारी

तलवाड़ा (धार) में दो सदस्यों ने 24-24 हजार का अनुष्ठान किया और एक ने सवालक्ष का। तीनों स्थानों पर हवन, कीर्तन आदि किये गये।

-मंत्री गायत्री परिवार

सतना (रींवा) में श्रावणी के अवसर पर संगीत मास्टर श्री रामदास पाण्डे के स्थान पर सवा लक्ष का सामूहिक जप व हवन किया। यह जप जनकल्याण के हेतु ब्रह्मास्त्र अनुष्ठान के अंतर्गत किया गया।

-आर.आर. मिश्रा

दिगौड़ा (टीकम गढ़) में श्री रघुनाथ सिंह माते (ग्राम मऊ बुजर्ग) की ओर से स्वतंत्रता दिवस (ता. 15 अगस्त 57) को 24 घण्टे का अखण्ड कीर्तन, 24 हजार जप, 108 गायत्री चालीसा पाठ व 100 आहुतियों का हवन किया गया। अन्त में प्रीतिभोज कराया गया।

-बैजनाथ प्रसाद सौनकिया

पिलखना (इटावा) में श्रावणी पर एक यज्ञ बड़े समारोह पूर्वक महादेव जी के चबूतरे पर सम्पन्न हुआ। इसमें श्री मोहनसिंह ‘नारद’ गुलाब सिंह जी व राजारामभगत ने विशेष सहयोग दिया। इसी अवसर पर विधूना में स्कूल के प्रधानाचार्य श्रीकृष्ण स्वरूप जी सक्सेना के यहाँ गायत्री हवन व रामायण का अखंड पाठ का आयोजन किया गया।

-श्रीकृष्णलाल द्विवेदी ‘विशारद’

धारकपुर (बुलन्दशहर) में श्रावणी के अवसर पर सूर्य प्रसाद जी ने सामूहिक यज्ञ कराया जो दो कुण्डों में दो दिन तक होता रहा। आस-पास की समस्त जनता ने बड़े उत्साह से भाग लिया। रामपुर (बुलन्दशहर) में जन्माष्टमी पर सामूहिक यज्ञ किया गया जिनमें पं. दीपचन्द जी, गंगाधर जी ठेकेदार, बाबूराम जी शर्मा, गोकुलसिंह जी लोधे राजपूत महेन्द्रसिंह जी, कुँवर क्षेत्रपाल सिंह ने विशेष रूप से सहयोग दिया। यज्ञ-कार्य बड़ी धूमधाम से सम्पन्न हुआ। बझेड़ा (बुलन्दशहर) में ता. 23 अगस्त से 25 अगस्त तक एक विशाल यज्ञ किया गया जिसमें श्री राजेन्द्र सिंह आर्य, श्री रामचरनलाल व अमीन साहब ने विशेष सहयोग दिया और ग्राम की समस्त जनता ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।

-स्वामी ब्रह्मस्वरूप

मेहिनी, कोढ़ार (जि. एटा) तथा जिरौली (जि. अलीगढ़) में गायत्री परिवार की शाखायें स्वामी ब्रह्मस्वरूप जी ने कायम कराई हैं और इन तीनों स्थानों में शीघ्र ही सवा-सवा लक्ष आहुतियों के यज्ञ होने का आयोजन किया गया है।

-एक गायत्री प्रेमी

अख्तयारपुर (बुलन्दशहर) की गायत्री शाखा ने सवालक्ष का एक बड़ा यज्ञ तथा कई छोटे यज्ञ किये हैं। आस-पास के कितने ही स्थानों में गायत्री प्रचार का कार्य किया गया है।

-स्वामी योगानन्द

बमनी बाजार (बिलासपुर) में ता. 4 अगस्त को धर्मफेरी बड़े समारोह से की गई। इसके लिये श्री बलभद्र प्रसाद स्वर्णकार और ध्वजा राम पटेल ने कोने-कोने में डुग्गी पिटवादी, जिससे जनता की खूब भीड़ हो गयी। 28 घन्टे तक अखण्ड कीर्तन किया गया और अखण्ड ज्योति भी जलती रही। मोहनलालजी गुप्ता ने सब कार्यों की देख-रेख में विशेष परिश्रम किया।

-कन्हाईदास जी वैष्ण

आरंग (रायपुर) में श्रावणी को सामूहिक गायत्री जप, हवन व कन्या -भोजन का आयोजन किया गया जिसमें सब सदस्यों ने उत्साह से भाग लिया।

-विद्याप्रसाद मिश्रा

जिटकरी (हमीरपुर) में सामूहिक जप व हवन किया गया। वेत्रवती नदी में स्नान करके संध्याकाल को अपने घर में माता जी का पूजन व आरती की गई। रात्रि में पं. रामबल्लभ जी के मन्दिर में रामायण पाठ किया गया।

-रामकृपालु द्विवेदी

पुसावली (बदायूँ) में आवणी पर सामूहिक हवन, कीर्तन, रामायण पाठ हुआ। हवन में उपस्थित सब लोगों को राखी बाँधी गई। प्रसाद भी वितरण हुआ।

-गायत्री प्रसाद गुप्ता

बालकुवाँ ग्राम (तलवाड़ा जि. धार) में 21 दिन तक मन्त्र लेखन का कार्यक्रम जारी रहा, जिसके उपलक्ष में ता. 4 अगस्त को साढ़े 12 हजार आहुतियों का सामूहिक यज्ञ किया गया। यद्यपि वर्षा बड़े जोर से हो रही थी पर ग्रामवासियों के हार्दिक उत्साह के फलस्वरूप यज्ञ मण्डप, कुँड आदि ऐसे मनोहारी रूप में सजाये गये थे कि देखते ही बनता था। साधकों सहित 300 व्यक्तियों को भोजन कराया गया।

-मन्त्री गायत्री शाखा

खानपुर (जि. झालावाड़) में श्रावणी के अवसर पर शाखा में एक सामूहिक यज्ञ किया। पास के एक-ग्राम मोई कलाँ में गायत्री शाखा की स्थापना की गई।

-बद्रीलाल गुप्ता ‘साहित्य रत्न’

बिलासपुर (म.प्र.) में रक्षाबन्धन के अवसर पर सामूहिक हवन उत्साह पूर्वक सम्पन्न हुआ। कितनी ही महिलाओं ने भी भाग लिया। इसी प्रकार श्री भैयाराम पोद्दार ने सवालक्ष जप की पूर्णाहुति में ता. 11 अगस्त को ढाई हजार आहुतियों का हवन किया।

-सुधाराम महाजन

भोपाल (मध्य भारत) में ता. 19 अगस्त को जन्माष्टमी के उपलक्ष्य में श्री महेन्द्र कुमार के यहाँ झाँकी बनाई गयी थी और अखण्ड रामायण पाठ हुआ। रात को 1008 आहुतियों का गायत्री हवन किया गया। अन्त में समाधि वाले महात्मा का प्रवचन हुआ। नगर के अनेक गायत्री-प्रेमियों ने भाग लिया।

-शिवकुमार भारद्वाज

महबूबाबाद (हैदराबाद) में रक्षाबन्धन पर 1500 आहुतियों का गायत्री यज्ञ किया गया और जन्माष्टमी पर भी सामूहिक यज्ञ बड़े उत्साह के साथ सम्पन्न हुआ।

-शंकरलाल

बिजौली (फतेहपुर) में, स्वतंत्रता दिवस पर भाई महावीर सिंह के यहाँ 5600 आहुतियों का सामूहिक यज्ञ किया गया। श्री उदय नारायण ने विशेष सहयोग दिया।

-राम सनेही वर्मा

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