शताब्दी वर्ष विशेष: नॉर्थ अमेरिका प्रवास के अंतर्गत परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का टोरंटो आगमन
टोरंटो, ओंटारियो (कनाडा)।
अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी अपने शताब्दी वर्ष विशेष नॉर्थ अमेरिका प्रवास के अगले क्रम में कनाडा के प्रमुख नगर टोरंटो पहुँचे। उनके आगमन पर स्थानीय परिजनों एवं कार्यकर्ताओं ने आत्मीय भावनाओं के साथ उनका स्वागत किया।
इस अवसर पर आयोजित आत्मीय भेंट-वार्ता के दौरान आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने परिजनों से संवाद करते हुए गुरुसत्ता के विचारों, युग निर्माण अभियान की दिशा तथा शताब्दी वर्ष के संकल्पों को साझा किया। उन्होंने सभी को अपने जीवन में साधना, स्वाध्याय एवं सेवा को अधिक सशक्त रूप से अपनाने तथा समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनने के लिए प्रेरित किया।
परिजनों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि गुरुदेव के विचार केवल भारत तक सीमित नहीं हैं, बल्कि संपूर्ण मानवता के कल्याण का मार्ग प्रशस्त करते हैं। आज आवश्यकता है कि हम अपने आचरण, संस्कार एवं सेवा कार्यों के माध्यम से इन आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाएँ।
कार्यक्रम के दौरान आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने उपस्थित परिजनों को गुरुसत्ता का आशीष प्रदान किया तथा उन्हें शताब्दी वर्ष के अवसर पर अधिक सक्रियता के साथ लोकमंगल एवं सत्प्रवृत्ति संवर्धन के कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया। उनके स्नेहपूर्ण मार्गदर्शन एवं प्रेरणादायी उद्बोधन से उपस्थित सभी परिजन भावविभोर एवं उत्साहित दिखाई दिए।
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