शताब्दी वर्ष विशेष : एडमोंटन के हिंदू हेरिटेज मंदिर में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का प्रेरक उद्बोधन
एडमोंटन, अल्बर्टा (कनाडा)। जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे उत्तर अमेरिका प्रवास के क्रम में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी एडमोंटन स्थित हिंदू हेरिटेज मंदिर पहुँचे। इस अवसर पर स्थानीय परिजनों द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु, भारतीय मूल के नागरिक एवं गायत्री परिवार के परिजन उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम के दौरान परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने “वैश्विक समस्याएँ एवं भारतीय संस्कृति के समाधान” विषय पर अपना प्रेरक उद्बोधन प्रदान किया। उन्होंने वर्तमान समय में विश्व के समक्ष उपस्थित विभिन्न चुनौतियों—मानसिक तनाव, पारिवारिक विघटन, पर्यावरण संकट, नैतिक मूल्यों के ह्रास एवं सामाजिक असंतुलन—पर प्रकाश डालते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के आदर्श, जीवन मूल्य एवं आध्यात्मिक दृष्टिकोण इन समस्याओं के प्रभावी समाधान प्रस्तुत करते हैं।
अपने संबोधन में उन्होंने युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि मानव जीवन को संतुलित, समृद्ध और सार्थक बनाने वाली वैज्ञानिक जीवन पद्धति है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह का आह्वान किया कि वे अपने जीवन में संस्कृति, संस्कार, सेवा और सद्भावना के मूल्यों को अपनाकर समाज में सकारात्मक परिवर्तन के वाहक बनें।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी परिजनों ने आदरणीय डॉ. पंड्या जी के विचारों को अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ ग्रहण किया। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक गौरव एवं राष्ट्र निर्माण की प्रेरणाओं से ओतप्रोत रहा। अंत में उपस्थित जनसमूह ने भारतीय संस्कृति के वैश्विक प्रसार एवं जन्म शताब्दी वर्ष के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने का संकल्प व्यक्त किया।
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