ट्रस्ट मण्डल कार्यशाला में आए सेवा, साधना और संगठन विस्तार का संकल्प लेकर विदा हुए सभी ट्रस्टीगण*
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में 6 से 8 सितंबर 2026 तक आयोजित तीन दिवसीय "ट्रस्ट मंडल कार्यशाला में बिहार, मध्य प्रदेश एवं उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए ट्रस्टियों ने जन्म शताब्दी अनुयाज संकल्पों को गति देने एवं संगठन को सशक्त बनाने के विभिन्न पहलुओं पर चिंतन-मंथन किया।
कार्यशाला की समूह चर्चाओं में मिले मार्गदर्शन सूत्रों तथा शांतिकुंज की विविध गतिविधियों के प्रत्यक्ष अनुभव से प्रतिभागियों को नई प्रेरणा मिली। वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने सेवा, साधना, संगठन विस्तार एवं युगनिर्माण अभियान को गति देने के लिए आवश्यक प्रयासों पर मार्गदर्शन दिया।
समापन अवसर पर शांतिकुंज के व्यवस्थापक आदरणीय योगेंद्र कुमार गिरी जी ने कहा कि ट्रस्टी होना केवल एक पद नहीं, बल्कि गुरुदेव के विचारों एवं आदर्शों को जन-जन तक पहुँचाने का महत्वपूर्ण दायित्व निभाने का सुअवसर सौभाग्य है। उन्होंने सेवा और साधना की भावना के साथ कार्य करते हुए मिशन के कार्यों को व्यापक बनाने का आह्वान किया।
प्रेरणा को संकल्प और संकल्प को सेवा में परिणित करने के भाव के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
प्रस्तुत हैं कार्यशाला के कुछ प्रमुख छायाचित्र।
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