युग निर्माण योजना के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान
हरिद्वार। गायत्री तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित केंद्रीय टोली पुनर्बोधन प्रशिक्षण शिविर में देश के विभिन्न प्रांतों से आए गायक, वादक एवं प्रवचनकर्ता भाई-बहनों को शांतिकुंज व्यवस्थापक आदरणीय योगेंद्र कुमार गिरि जी ने पूज्य गुरुदेव के युग निर्माण योजना के उद्देश्य एवं कार्यदिशा पर मार्गदर्शन दिया।
उन्होंने कहा कि युग निर्माण योजना व्यक्ति, परिवार और समाज के नव निर्माण का व्यापक अभियान है। इसके अंतर्गत साधना, स्वास्थ्य, शिक्षा, स्वावलंबन, पर्यावरण, नारी जागरण एवं व्यसन मुक्ति-कुरीति उन्मूलन जैसे सप्तआंदोलनों के माध्यम से समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि युग निर्माण का मूल संदेश है— “ हम बदलेंगे, युग बदलेगा; हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा।” प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में श्रेष्ठ चिंतन और श्रेष्ठ कर्म को अपनाकर समाज परिवर्तन में सहभागी बन सकता है।
आदरणीय गिरि जी ने युग निर्माण योजना की मूल मान्यता बताते हुए कहा कि “मनुष्य अपने भाग्य का निर्माता आप है” तथा “जो जैसा सोचता है और करता है, वह वैसा ही बन जाता है।” इसलिए विचारों की शुद्धता और जीवन में श्रेष्ठ आचरण ही युग निर्माण की आधारशिला है।
उन्होंने केंद्रीय टोली के सदस्यों से आह्वान किया कि वे गीत, संगीत एवं प्रवचन के माध्यम से पूज्य गुरुदेव के विचारों और युग निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएँ।
प्रस्तुत है छायाचित्र
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