मातृशक्ति की साधना विरासत से विश्वव्यापी गायत्री चेतना के प्रसार का संकल्प
परम वंदनीया माताजी की जन्मशताब्दी समारोह के प्रथम सत्र का शुभारंभ उनकी जन्मभूमि, कर्मभूमि एवं तपोभूमि की पवित्र रज एवं जल के आगमन के साथ हुआ। इस अवसर पर प्रखर प्रज्ञा एवं सजल श्रद्धा की स्थापना एवं पूजन संपन्न हुआ। समारोह के दलनायक आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने प्रखर प्रज्ञा एवं सजल श्रद्धा का अनावरण कर श्रद्धा निवेदित की।
इस अवसर पर दिल्ली सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री कपिल मिश्रा जी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि गायत्री चेतना आज पूरे विश्व में प्रसारित हो रही है और विश्व का कोई भी क्षेत्र इस चेतना से अछूता नहीं है। उन्होंने 80 देशों तक गायत्री परिवार की पहुँच का उल्लेख करते हुए युवाओं में आध्यात्मिक जागरण के लिए दिल्ली सरकार एवं गायत्री परिवार के संयुक्त प्रयासों की संभावना भी व्यक्त की।
समारोह के दलनायक आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने श्री कपिल मिश्रा जी का आत्मीय स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा उन्हें स्मृति चिह्न भेंटकर सम्मानित किया।
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