विराट मातृत्व, आध्यात्मिक एकात्मता एवं विश्वकल्याण के संदेश से अनुप्राणित हुआ जन्मशताब्दी समारोह
नई दिल्ली। परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी के जन्मशताब्दी समारोह में रामकृष्ण मिशन, दिल्ली के प्रमुख पूज्य स्वामी सर्वलोकानंद जी, विश्व हिन्दू परिषद के महामंत्री पूज्य स्वामी विज्ञानानंद जी एवं चर्च ऑफ इंग्लैंड के बिशप The Right Reverend Lusa Nsenga-Ngoy का पावन सान्निध्य एवं गरिमामयी सहभागिता प्राप्त हुई।
पूज्य स्वामी सर्वलोकानंद जी ने परम वंदनीया माताजी को दिव्य मातृशक्ति का स्वरूप बताते हुए उनके असीम वात्सल्य, तप एवं लोकमंगल को समर्पित जीवन का भावपूर्ण स्मरण किया। उन्होंने कहा कि माताजी का मातृत्व किसी एक परिवार तक सीमित नहीं रहा, अपितु समूचे समाज के कल्याण में अभिव्यक्त हुआ। साथ ही भारतीय सभ्यता एवं सनातन संस्कृति के संरक्षण-संवर्धन में गायत्री परिवार के योगदान की सराहना की।
पूज्य स्वामी विज्ञानानंद जी ने परम वंदनीया माताजी के विराट मातृत्व को नमन करते हुए उन्हें केवल गायत्री परिवार की नहीं, अपितु समूचे भारतवर्ष की मातृशक्ति बताया। उन्होंने भारत की विविधता में एकता, ज्ञान के संवाहक के रूप में भाषा की महत्ता तथा भारतीय आध्यात्मिक परंपराओं में निहित निर्भयता, सहअस्तित्व एवं सामाजिक समरसता के मूल्यों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के उपाध्यक्ष एवं समारोह के दलनायक आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने पूज्य संतों एवं विशिष्ट अतिथियों का आत्मीय अभिनंदन करते हुए पूज्य गुरुसत्ता की विश्वकल्याणकारी विचारधारा तथा आध्यात्मिक चेतना के माध्यम से मानवता को एकात्मता के सूत्र में जोड़ने के संकल्प को रेखांकित किया।
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