व्यसनमुक्त एवं संस्कारयुक्त समाज के निर्माण का गूँजा संकल्प, जन्मशताब्दी समारोह में आत्मपरिष्कार का संदेश
नई दिल्ली। परम वंदनीया माताजी के जन्मशताब्दी एवं अखण्ड दीप शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में इंदिरा गांधी इंडोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में केंद्रीय मंत्री आदरणीय डॉ. वीरेंद्र कुमार जी एवं इस्कॉन के श्री माधव पंडित दास जी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इस अवसर पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने पूज्य गुरुदेव के युगनिर्माणकारी विचारों का स्मरण कराते हुए कहा कि व्यसनों से मुक्ति एवं श्रेष्ठ संस्कारों को जीवन में धारण करना ही इस जन्मशताब्दी वर्ष का महत्त्वपूर्ण संकल्प है। बुराइयों का परित्याग एवं सद्गुणों का संवर्धन ही पूज्य गुरुदेव के प्रति सच्ची दक्षिणा है।
डॉ. वीरेंद्र कुमार जी ने पूज्य गुरुदेव द्वारा रोपित युगनिर्माण के संकल्प को विशाल वटवृक्ष का स्वरूप लेते हुए बताया तथा संस्कार निर्माण एवं नशामुक्ति में गायत्री परिवार के योगदान की सराहना की।
वहीं श्री माधव पंडित दास जी ने माताजी के सेवामय जीवन को नमन करते हुए आध्यात्मिक चेतना को आत्मपरिवर्तन एवं व्यसनमुक्त समाज के निर्माण का सशक्त आधार बताया।
इस अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों ने आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी के साथ वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण एवं प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता का संदेश भी दिया।
यह सत्र आत्मपरिष्कार, सकारात्मक चेतना, पर्यावरण संरक्षण एवं लोकमंगल के संकल्पों की प्रेरणादायी अभिव्यक्ति बना।
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