परम वंदनीया माताजी की पावन जन्मस्थली पर श्रद्धासिक्त आगमन
अखिल विश्व गायत्री परिवार द्वारा मनाए जा रहे परम वंदनीया माताजी के ऐतिहासिक जन्मशताब्दी वर्ष के पावन उपलक्ष्य में, गायत्री तपोभूमि, मथुरा के प्रमुख एवं अखण्ड ज्योति पत्रिका के प्रकाशक आदरणीय श्री मृत्युंजय शर्मा जी के स्नेहमय मार्गदर्शन में अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा प्रतिनिधि आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी की गरिमामयी उपस्थिति में, आगरा प्रवास के अंतर्गत शीतला गली स्थित अखिल विश्व गायत्री परिवार की संस्थापिका, भारतीय आध्यात्मिक चेतना, नारी जागरण एवं संस्कार निर्माण की अद्वितीय प्रेरणास्रोत परम वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा जी की पावन जन्मस्थली पर श्रद्धापूर्ण आगमन हुआ।
यह पावन अवसर जन्मशताब्दी वर्ष–2026 के दिव्य संदर्भ में केवल श्रद्धा और संस्कारों का संगम ही नहीं रहा, अपितु माताजी की जन्मस्थली के पुनः नव निर्माण हेतु रूपरेखा एवं निर्माण-योजना के लिए एक प्रेरणास्पद एवं संकल्पमय क्षण भी सिद्ध हुआ। सम्पूर्ण वातावरण माताजी के तप, त्याग, सेवा और संगठनमय जीवन की दिव्य स्मृतियों से अनुप्राणित होकर एक आध्यात्मिक तीर्थ का सजीव अनुभव करा रहा था। यह पावन स्थल केवल जन्मभूमि नहीं, बल्कि युग निर्माण की महान साधना का वह जीवंत केंद्र है, जहाँ प्रत्येक कण में संस्कार, साधना और समर्पण की दिव्य चेतना स्पंदित होती प्रतीत होती है।
जन्मशताब्दी वर्ष के इस पावन क्रम में अपने 50 वर्षों के अथक प्रयासों के बाद परम वंदनीया माताजी की जन्मस्थली के दर्शन को अपना परम सौभाग्य मानते हुए आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी ने वहाँ संचालित एवं प्रस्तावित सभी कार्य योजनाओं की विस्तारपूर्वक जानकारी प्राप्त की तथा उनके प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया। जन्मस्थली के इस दिव्य भ्रमण के समय आंवलखेड़ा शक्तिपीठ के व्यवस्थापक श्री जे के द्विवेदी जी एवं समर्पित कार्यकर्ता श्री अरूण कुमार साहू जी भी उपस्थित रहे।
इस प्रकार यह पावन प्रवास श्रद्धा, संकल्प एवं सृजनात्मक कार्ययोजना का एक प्रेरणादायी संगम बनकर उपस्थित सभी परिजनों के अंतर्मन में नवचेतना और नवसंकल्प का दिव्य संचार कर गया। निःसंदेह, यह दिव्य पहल माताजी के आदर्शों, संस्कारों एवं युग निर्माण के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में एक सशक्त एवं महत्वपूर्ण कड़ी सिद्ध होगी।
