गायत्री चेतना केंद्र धनौरी में सम्पन्न हुआ प्राण-प्रतिष्ठा एवं लोकार्पण का दिव्य आयोजन
।। धनौरी, कटरा, जम्मू | 10 मई, 2026 ।।
परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी एवं वंदनीया माताजी की दिव्य प्रेरणाओं से संचालित गायत्री चेतना केंद्र में आज अत्यंत श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक उल्लास के मध्य गायत्री माता प्राण-प्रतिष्ठा, शिव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा तथा सजल श्रद्धा–प्रखर प्रज्ञा के लोकार्पण का पावन आयोजन सम्पन्न हुआ।
इस दिव्य अवसर पर अखिल विश्व गायत्री परिवार के प्रतिनिधि एवं देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या की गरिमामयी उपस्थिति ने सम्पूर्ण वातावरण को आध्यात्मिक चेतना एवं गुरु-सत्ता के भावों से ओत-प्रोत कर दिया। वैदिक मंत्रोच्चार, दीपयज्ञ एवं श्रद्धामयी वातावरण के मध्य सम्पन्न हुए इन पावन संस्कारों ने उपस्थित श्रद्धालुओं के अंतर्मन को भाव-विभोर कर दिया।
इस अवसर पर डॉ. चिन्मय पंड्या ने अपने उद्बोधन में कहा कि, “श्रद्धा, विश्वास और समर्पण मानव जीवन की सबसे बड़ी सम्पदा एवं शक्ति है। श्रद्धा होती है तो पत्थर भी भगवान बन जाते हैं। त्रिकूट पर्वत के मध्य गायत्री चेतना केंद्र के इस दिव्य प्राण-प्रतिष्ठा एवं जन्म शताब्दी की त्रिवेणी में हम श्रद्धा रूपी प्राण गुरुदेव को समर्पित करें। परमात्मा की कृपा हमारे समर्पण पर निर्भर है।”
कार्यक्रम में रमेश कुमार, बलदेव राज शर्मा, सचिन कुमार वैश्य तथा अभिषेक कुमार शर्मा सहित अनेक गणमान्य अतिथियों की विशेष उपस्थिति रही। इस अवसर पर सभी विशिष्ट अतिथियों को परम पूज्य गुरुदेव का साहित्य भेंट कर युगऋषि के विचारों एवं जीवन-दर्शन से जुड़ने का विनम्र आग्रह किया गया।
सम्पूर्ण आयोजन श्रद्धा, संस्कार, साधना एवं युग निर्माण के दिव्य भावों से अनुप्राणित रहा। उपस्थित परिजनों ने इसे केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जनमानस में देवत्व जागरण एवं सांस्कृतिक पुनर्जागरण के प्रेरणादायी अभियान के रूप में अनुभव किया।
