“शिक्षक गरिमा शिविर” में जागृत हुआ कर्तव्य बोध का भाव
अखिल विश्व गायत्री परिवार के तत्वावधान में गुजरात प्रांत से पधारे शिक्षकों हेतु आयोजित “शिक्षक गरिमा शिविर” का शुभारंभ श्रद्धा, प्रेरणा एवं उत्साहपूर्ण वातावरण में सम्पन्न हुआ। शिविर में लगभग 250 शिक्षक एवं 50 समर्पित कार्यकर्ता भाई-बहिन सहभागिता कर रहे हैं।
कार्यक्रम का शुभारंभ देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति डॉ. चिन्मय पंड्या द्वारा दीप प्रज्वलन एवं माँ गायत्री के समक्ष श्रद्धा सुमन अर्पित कर किया गया।
इस अवसर पर डॉ. चिन्मय पंड्या ने शिक्षकों को संबोधित करते हुए कहा कि “अध्यापक ही युग निर्माता एवं राष्ट्र के भाग्य विधाता होते हैं।” उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि संस्कार, चरित्र एवं जीवन मूल्यों का संवाहक भी होता है। समाज एवं राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है।
“शिक्षक गरिमा शिविर” का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों के अंतःकरण में कर्तव्य बोध, नैतिक दायित्व एवं आदर्श शिक्षण संस्कारों को जागृत करना है, जिससे वे विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के साथ राष्ट्र निर्माण में अपनी प्रभावी भूमिका निभा सकें।
शिविर के दौरान विभिन्न प्रेरक सत्रों, संवाद कार्यक्रमों एवं सांस्कृतिक गतिविधियों के माध्यम से शिक्षकों को भारतीय संस्कृति, जीवन प्रबंधन एवं मूल्यपरक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने शिविर को प्रेरणादायी बताते हुए इसे अपने जीवन एवं शिक्षण कार्य के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।
