तीर्थयात्रा की परंपरा को सार्थक करता दीपयज्ञ
कोरबा। छत्तीसगढ़
भारतीय संस्कृति में व्यक्तित्व विकास और सामाजिक उत्थान में पर्वों का विशेष महत्त्व है। आवश्यकता है उनकी प्रेरणाओं को यथार्थ रूप में लोगों तक पहुँचाने की।
गायत्री प्रज्ञापीठ कोरबा के महिला मंडल के लगभग 60 सदस्यीय दल ने देव दीपावली-कार्तिक पूर्णिमा के दिन पवित्र पूजनीय माँ नर्मदा के उदगम स्थल अमरकंटक में इसी दिशा में एक प्रभावशाली प्रयास किया।
प्रज्ञापीठ की बहिनों के दल ने माँ नर्मदा के उदगमस्थल के मंदिर प्रांगण में 108 दीप प्रज्वलित कर दीपयज्ञ किया, माँ गायत्री और माँ नर्मदा की आरती उतारी तथा जीवन के उत्थान के लिए नियमित रूप से उपासना, साधना, आराधना के सूत्र बताये, संकल्प कराए। इसका लाभ वहाँ स्थित अनेक दर्शनार्थियों ने भी लिया। गायत्री प्रज्ञापीठ कोरबा के महिला मण्डल की इस प्रेरणादायी यात्रा में पेंड्रा शाखा के भाई-बहिनों का विशेष योगदान रहा।
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