विश्वस्तरीय चालीस दिवसीय साधना अनुष्ठान संकल्प
हर वर्ष वसंत पंचमी से होली पूर्णिमा तक के 40 दिनों में पूरे विश्व में गायत्री परिवार के नैष्ठिक साधक सवा लक्ष गायत्री महामंत्र जप अनुष्ठान सम्पन्न करते हैं। श्रद्धेय डॉक्टर प्रणव पण्ड्या जी ने पर्व पूजन के पश्चात ऑन इन इसका संकल्प कराया।
हजारों लोगों ने दीक्षा ली, 350 यज्ञोपवीत और 17 विवाह संस्कार हुए गायत्रीतीर्थ शान्तिकुञ्ज में वंसत के पावन पर्व पर 17 जोड़ों ने युगऋषि द्वारा बताई गृहस्थ जीवन की मार्मिक प्रेरणाओं को हृदयंगम करते हुए विवाह संस्कार के माध्यम से गृहस्थ जीवन में प्रवेश किया। लगभग 350 यज्ञोपवीत संस्कार हुए। सैकड़ों लोगों ने मुण्डन संस्कार कराए। जीवन में आध्यात्मिक चेतना का संचार करने वाली पुण्य वेला-वसंत पर्व के दिन श्रद्वेय डॉ. प्रणव पण्ड्या जी एवं श्रद्धेया शैल जीजी के श्रीमुख से हजारों लोगों ने गायत्री महामंत्र की दीक्षा ली।
दीप महायज्ञ : सायंकाल दीप महायज्ञ के साथ परम पूज्य गुरूदेव का बोध दिवस बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इसका संचालन शान्तिकुञ्ज की ब्रह्मवादिनी बहिनों की टोली ने किया।
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