ऋषिहुड विश्वविद्यालय में उद्बोधन
गायत्री उपासना आज का युगधर्म है
सोनीपत। हरियाणा
ऋषिहुड विश्वविद्यालय, सोनीपत विद्यार्थियों को आत्म-परिवर्तन करते हुए समाज को प्रभावशाली नेतृत्व प्रदान करने वाले नायकों को गढ़ने के प्रयास करता रहा है। इसी कड़ी में ऋषिहुड विश्वविद्यालय ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति माननीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी को विशेष उद्बोधन के लिए आमंत्रित किया। ‘समरसता का पथ’ विषय पर डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी का व्याख्यान हुआ। उन्होंने कहा कि मन में सद्भाव हो, तभी समाज में समरसता स्थापित होती है। गायत्री उपासना सद्बुद्धि और सद्भाव की जननी है, इस दृष्टि से यह आज का युगधर्म है।
आरंभ में ऋषिहुड विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. शोभित अग्रवाल ने
देव संस्कृति विश्वविद्यालय से पधारे अतिथि माननीय डॉ. चिन्मय जी का पुष्पगुच्छ के साथ स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ. साहिल अग्रवाल और विद्यार्थीगण उपस्थित थे।
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