छत्तीसगढ़ में आयोजित हुईं उपजोन स्तरीय कार्यशालाएँ
जन्मशताब्दी-2026 के जनजागरण अभियान एवं कार्यक्रमों पर हुई चर्चा
धमतरी। छत्तीसगढ़
गायत्री शक्तिपीठ धमतरी में उपजोन रायपुर के समन्वयक श्री सी.पी. साहू के आतिथ्य में वर्तमान में चलाए जा रहे कार्यक्रमों की समीक्षा एवं वर्ष 2024 की वार्षिक कार्ययोजना के निर्धारण के लिए एक बैठक आयोजित हुई। जिला समन्वयक दिलीप नाग ने बताया कि कार्ययोजना का केन्द्र बिन्दु जन्म शताब्दी-2026 रहा। जिले में 1000 साधक तैयार करने, 108 गाँवों में पाँच कुण्डीय गायत्री महायज्ञ का आयोजन करने, 25000 विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में शामिल करने के संकल्प लिए गए। इसके अलावा 5000 वृक्षारोपण, नारी जागरण, कन्या कौशल शिविर एवं युवा व्यक्तित्व परिष्कार शिविर का आयोजन करने, 108 बाल संस्कार शाला चलाने, गृहे गृहे यज्ञ अभियान के अंतर्गत 10,000 परिवारों में एक कुण्डीय गायत्री महायज्ञ करने, 2500 गर्भवती महिलाओं का पुंसवन संस्कार कराने, 5000 लोगों को नशा छोड़ने के लिए प्रेरित करने तथा पत्रिका सदस्यता विस्तार सहित अन्य आवश्यक गतिविधियां चलाने का संकल्प लिया गया।
दुर्ग, सुपर 100
गायत्री शक्तिपीठ नंदिनी नगर में आयोजित कार्यशाला में विजन-2026 पर चर्चा करते हुए दुर्ग जिले से सुपर 100 का आह्वान किया गया। युवा प्रकोष्ठ के प्रान्तीय समन्वयक श्री ओमप्रकाश राठौर, उप समन्वयक श्री चंपेश्वर साहू, नारी जागरण प्रमुख डॉ. कुन्ती साहू, प्रान्तीय दिया समन्वयक डॉ. पी.एल. साव आदि ने इसे संबोधित किया। कबीरधाम, खैरागढ़, छुईखदान तथा दुर्ग ब्लॉक के सभी सक्रिय कार्यकर्त्ता इस कार्यशाला में उपस्थित थे।
कोरबा :
जन्मशताब्दी 2026 की कार्ययोजना निर्धारण हेतु ऐसी ही कोरबा उपजोन की गोष्ठी 10 मार्च 2024 को गायत्री शक्तिपीठ कोरबा में श्रीमती आदर्श वर्मा के मुख्य आतिथ्य में सम्पन्न हुई। इसमे रायगढ़, सारंगढ़, जांजगीर-चाँपा, सक्ती, कोरबा से बड़ी संख्या में भाई-बहिन शामिल हुए।
गोष्ठी में 50 प्रज्ञा टोलियों का गठन हुआ, जिन्हें उपजोन के घर-घर तक पहुँचकर युग निर्माणी सूत्र-सिद्धांतों को पहुँचाने का दायित्व सौंपा गया। श्रीमती आदर्श वर्मा ने आन्दोलन को निर्बाध गति देते रहने के लिए सभी शक्तिपीठ व प्रज्ञापीठों में साप्ताहिक गोष्ठियों के आयोजन का आह्वान किया।
महिला दिवस पर नारियों का सम्मान
श्रीमती आदर्श वर्मा ने बहिनों द्वारा इस पूरी गोष्ठी के आयोजन पर हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त की और इसे नारी शशक्तिकरण का सुंदर उदाहरण बताया। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में स्थानीय बहिनों द्वारा उन्हें शॉल, श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया।
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