9 से 13 मार्च 2026 तक शांतिकुंज, हरिद्वार में चल रहे उत्तर मध्य रेलवे के 140वें प्रबंधन विकास कार्यक्रम (Management Development Program) के अंतर्गत आज समस्त रेलवे अधिकारियों का आगमन देव संस्कृति विश्वविद्यालय में हुआ।
हरिद्वार, उत्तराखंड
9 से 13 मार्च 2026 तक शांतिकुंज, हरिद्वार में चल रहे उत्तर मध्य रेलवे के 140वें प्रबंधन विकास कार्यक्रम (Management Development Program) के अंतर्गत आज समस्त रेलवे अधिकारियों का आगमन देव संस्कृति विश्वविद्यालय में हुआ।
इस कार्यक्रम के अंतर्गत प्रयागराज, झांसी, आगरा, मुरादाबाद तथा दिल्ली मंडलों से लगभग 60 रेलवे अधिकारियों ने सहभागिता की। देव संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित इस विशेष सत्र में अधिकारियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों, प्रशिक्षण कार्यक्रमों तथा विभिन्न नवाचारों की विस्तृत जानकारी प्रदान की गई।
इस अवसर पर देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पांड्या जी द्वारा कार्यक्रम में उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों का आत्मीय स्वागत परमपूज्य गुरुदेव का साहित्य भेंट कर किया गया। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और प्रतिकुलपति महोदय के मध्य सौहार्दपूर्ण संवाद एवं भेंटवार्ता भी हुई, जिसमें अधिकारियों ने अपने विचार, अनुभव और जिज्ञासाएँ साझा कीं। प्रतिकुलपति महोदय ने उनके प्रश्नों का समाधान करते हुए उन्हें प्रेरणादायी मार्गदर्शन प्रदान किया तथा कार्यक्रम की सफलता के लिए अपनी शुभकामनाएँ दीं।
अधिकारियों ने इस अवसर को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायी एवं व्यक्तित्व विकास हेतु अत्यंत उपयोगी बताते हुए कार्यक्रम के सफल आयोजन की सराहना की। यह कार्यक्रम अधिकारियों के व्यक्तित्व विकास, प्रबंधन दक्षता एवं नेतृत्व क्षमता को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
Recent Post
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 157):आत्मीयजनों से अनुरोध एवं उन्हें आश्वासन
कहने को गायत्री परिवार, प्रज्ञा परिवार आदि नाम रखे गए हैं और उनकी सदस्यता का रजिस्टर तथा समयदान-अंशदान का अनुबंध भी है, पर वास्तविकता दूसरी ही है, जिसे हम सब भली भाँति अनुभव भी करते हैं। वह है&mdas...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 156):आत्मीयजनों से अनुरोध एवं उन्हें आश्वासन
साधना से उपलब्ध अतिरिक्त सामर्थ्य को विश्व के मूर्द्धन्य वर्गों को हिलाने-उलटने में लगाने का हमारा मन है। अच्छा होता सुई और धागे को आपस में पिरो देने वाले कोई सूत्र मिल जाते; अन्यथा सर्वथा अपरिचित ...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 155):तीन संकल्पों की महान् पूर्णाहुति
हमने जैसा कि इस पुस्तक में समय-समय पर संकेत किया है। जैसे हमारे बॉस के आदेश मिलते रहे हैं, वैसे ही हमारे संकल्प बनते, पकते व फलित होते गए हैं। सन् 1986 वर्ष का उत्तरार्द्ध हमारे जीवन का महत्त्वपूर्...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 154): जीवन के उत्तरार्द्ध के कुछ महत्त्वपूर्ण निर्धारण
परिवर्तन और निर्माण दोनों ही कष्टसाध्य हैं। भ्रूण जब शिशुरूप में धरती पर आता है, तो प्रसवपीड़ा के साथ होने वाला खून-खच्चर दिल दहला देता है। प्रस्तुत परिस्थितियों के दृश्य और अदृश्य दोनों ही पक्ष ऐसे...
विशिष्ट सामायिक चिंतन: कृत्रिम बुद्धिमत्ता (ए.आई.) एवं शिक्षा
आज जीवन के हर क्षेत्र में कृत्रिम बुद्धिमत्ता अर्थात ए०आई० (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) का बोलबाला है। ए०आई० समाचार की सुर्खियों से आगे जीवन के हर पक्ष का हिस्सा बनती जा रही है। स्वास्थ्य, कृषि, बैंकिं...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 153): जीवन के उत्तरार्द्ध के कुछ महत्त्वपूर्ण निर्धारण
कार्यक्रमों में प्रचारात्मक, रचनात्मक और सुधारात्मक अनेक कार्य हैं, जिन्हें घर से बाहर रहते हुए परिस्थितियों के अनुरूप कार्यान्वित किया जा सकता है। प्रचारात्मक स्तर के कार्य— 1. झोला पुस्तकाल...
हमारी वसीयत और विरासत (भाग 152): जीवन के उत्तरार्द्ध के कुछ महत्त्वपूर्ण निर्धारण
माना कि आज स्वार्थपरता, संकीर्णता और क्षुद्रता ने मनुष्य को बुरी तरह घेर रखा है, तो भी इस धरती को वीर विहीन नहीं कहा जा सकता। 60 लाख साधु-बाबा यदि धर्म के नाम पर घर-बार छोड़कर मारे-मारे फिर सकते हैं...
विज्ञान को शैतान बनने से रोकें:अनियंत्रित प्रगति अर्थात महामरण की तैयारी
सामान्य व्यक्ति का मस्तिष्क विकृत हो तो वह थोड़े ही व्यक्तियों का अहित कर सकता है। उसी तरह की दुर्बुद्धि वाले लोगों का एक समूह निकल पड़े, तो हानि की सँभावनाएँ निश्चित बढ़ती हैं। किंतु यदि यही रोग र...
होली
होली विशेषांक— 4
पुराणकालीन, आदर्शसत्याग्रही, भक्त प्रह्लाद के दमन के लिए हिरण्यकश्यप के छल-प्रपंच सफल न हो सके। उसे भस्म करने के प्रयास में होलिका जल मरी और प्रहलाद तपे कंचन बन गए। ख...
अपनों से अपनी बात- होली का संदेश
होली विशेषांक— 3
मातृभूमि की धूलि मस्तक पर लगाकर देशभक्ति की प्रतिज्ञा लेने का महापर्व है— होली। यह असमानता के अभिशाप को जला देने का पर्व भी है। यह पर्व यह संदेश देता है कि आर्थिक...

.jpg)
