शताब्दी वर्ष विशेष : कैलगरी के हिंदू मंदिर में गूँजा “मानव जीवन की गौरव गरिमा” का संदेश
कैलगरी, अल्बर्टा (कनाडा)। जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे उत्तर अमेरिका प्रवास के क्रम में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी कैलगरी स्थित हिंदू मंदिर पहुँचे। इस अवसर पर स्थानीय गायत्री परिवार द्वारा एक भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों परिजन एवं श्रद्धालु उत्साहपूर्वक सम्मिलित हुए।
कार्यक्रम में परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने “मानव जीवन की गौरव गरिमा” विषय पर प्रेरणादायी उद्बोधन प्रदान किया। उन्होंने मानव जीवन की महत्ता, उसके उद्देश्य एवं उसकी दिव्यता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि मनुष्य केवल भौतिक उपलब्धियों के लिए नहीं, बल्कि आत्मविकास, समाज सेवा एवं उच्च आदर्शों की स्थापना के लिए जन्म लेता है। उन्होंने युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि मानव जीवन ईश्वर का अमूल्य उपहार है, जिसे श्रेष्ठ चिंतन, उत्कृष्ट चरित्र एवं लोकमंगल की भावना के साथ सार्थक बनाया जा सकता है।
अपने संबोधन में उन्होंने उपस्थित जनसमूह का आह्वान किया कि वे अपने जीवन में संस्कार, सदाचार, सेवा एवं आध्यात्मिकता को स्थान देकर स्वयं के साथ-साथ समाज के उत्थान में भी योगदान दें। उन्होंने जन्म शताब्दी वर्ष को आत्मपरिष्कार एवं विचार क्रांति के संकल्पों को जीवन में उतारने का स्वर्णिम अवसर बताया।
कार्यक्रम में उपस्थित परिजनों ने आदरणीय डॉ. पंड्या जी के विचारों को अत्यंत श्रद्धा एवं उत्साह के साथ ग्रहण किया। कार्यक्रम का वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा, सांस्कृतिक चेतना एवं मानवीय मूल्यों की प्रेरणा से ओतप्रोत रहा।
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