शताब्दी वर्ष विशेष : ला पाल्मा में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का सम्मान, प्रबुद्ध वर्ग एवं स्थानीय नेतृत्व से हुई सार्थक चर्चा
ला पाल्मा, कैलिफोर्निया (अमेरिका)। जन्म शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में चल रहे उत्तर अमेरिका प्रवास के अंतिम चरण में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी कैलिफोर्निया के ला पाल्मा स्थित मेयर निवास पहुँचे। इस अवसर पर स्थानीय नेतृत्व, प्रबुद्ध नागरिकों एवं विभिन्न सामाजिक क्षेत्रों से जुड़े प्रतिनिधियों के साथ एक विशेष संवाद सत्र आयोजित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी ने उपस्थित प्रबुद्ध वर्ग एवं स्थानीय लीडर्स से भेंट-वार्ता कर मानवीय मूल्यों, सांस्कृतिक जागरण, युवा सशक्तिकरण एवं वैश्विक सद्भावना जैसे विषयों पर विचार साझा किए। उन्होंने भारतीय संस्कृति की सार्वभौमिक जीवनदृष्टि तथा युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी के विचारों को समाज निर्माण एवं विश्व कल्याण के लिए अत्यंत प्रासंगिक बताया।
इस अवसर पर परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी के सामाजिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षिक योगदानों को सम्मानित करते हुए उन्हें सिटी ऑफ़ आर्टेशिया की ओर से आधिकारिक सम्मान प्रदान किया गया। यह सम्मान वैश्विक स्तर पर मानवता, नैतिक मूल्यों एवं भारतीय संस्कृति के प्रसार हेतु उनके निरंतर प्रयासों की सराहना का प्रतीक है।
अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि आज की दुनिया को केवल तकनीकी प्रगति ही नहीं, बल्कि नैतिक चेतना, मानवीय संवेदनाओं और सांस्कृतिक मूल्यों की भी आवश्यकता है। उन्होंने सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों से मिलकर सकारात्मक परिवर्तन की दिशा में कार्य करने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने परम आदरणीय डॉ. पंड्या जी के विचारों की सराहना करते हुए वैश्विक शांति, सांस्कृतिक समन्वय एवं मानवीय मूल्यों के संवर्धन के लिए सहयोगात्मक प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। यह अवसर भारतीय संस्कृति एवं वैश्विक नेतृत्व के मध्य सार्थक संवाद का प्रेरणादायी उदाहरण बनकर उभरा।
Recent Post
शांति और सौंदर्य को अपने अंदर खोजो
उनसे प्यार करो, जिन्हें लोग पतित, गर्हित और हेय समझते हैं। जिन्हें केवल निंदा और भर्त्सना ही मिलती है। जो अपने ऊपर लदे हुए पिछड़ेपन के कारण न किसी के मित्र बन पाते हैं और न जिन्हें कोई प्यार करता ह...
समूचा ब्रह्मांड एक चैतन्य शरीर
प्रौढ़ता को प्राप्त करता हुआ विज्ञान अब उन्हीं निष्कर्षों पर पहुँच रहा है, जिन पर सदियों पूर्व भारतीय तत्त्ववेत्ता ज्योतिर्विद् पहुँच चुके थे। समूचा ब्रह्मांड एक चैतन्य शरीर है, जिसका प्रत्येक स्पं...
संवेदना की समस्या को कौन सुलझाएगा?
ज्ञान के दो पक्ष हैं— एक विचारणा, दूसरा संवेदना। विचार मस्तिष्क की देन हैं। वे बाहर से होते हैं; प्रशिक्षण एवं अनुभव के सहारे। भाव भीतर से उठते हैं। वे अंतःकरण के उत्पादन हैं। विचारों से जानक...
विज्ञान और अध्यात्म का समन्वय निश्चित
अध्यात्म और विज्ञान को पिछले दिनों परस्पर विरोधी माना जाता रहा है। नवीनतम शोधें उन्हें पूरक ही नहीं, एकीभूत भी सिद्ध कर रही हैं। चेतना के क्षेत्र में वैज्ञानिक चिंतन का योग अगले दिनों शोध के नए आधा...
असीम पर निर्भर ससीम जीवन
“धरती पर जीवनोपयोगी परिस्थितियों का आधार जिन रासायनिक हलचलों और आणविक गतिविधियों पर निर्भर है, वे अंतरिक्ष से आने वाले रेडियो-तरंगों पर अवलंबित हैं। शक्ति के स्रोत उन्हीं में हैं। विविध विधि ...
धरती माँ को ओढ़ाई हरी चादर | विश्व पर्यावरण दिवस पर वृक्षारोपण अभियान
जमालपुर, 5 जून 2026।
विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर प्रज्ञा युवा प्रकोष्ठ, जमालपुर द्वारा महिला मंडल के सहयोग से काली पहाड़ी, छठ पूजा घाट (नहर परिसर) में एक विशाल वृक्षारोपण अभिया...
अखिल विश्व गायत्री परिवार के आवाहन पर घर घर किया गया यज्ञ
घर घर में में हम यज्ञ रचाएं, आओ भारत सबल बनाएं इसी कामना से आज बुद्ध पूर्णिमा के पावन पर्व पर अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज (हरिद्वार) के दिशा निर्देश पर जनपद बलरामपुर के पचपेड़वा, गैं...
अब दर्शन की बारी है, उसे कुछ करने दिया जाए
विज्ञान का तात्पर्य— “प्रकृति के कुछ रहस्यों का उद्घाटन अथवा कुछ उपकरणों का निर्माण कर लेना मात्र नहीं है, वरन् उसकी व्यापकता मानवी दृष्टिकोण को अधिक सुविस्तृत, तथ्यपूर्ण एवं सत्यनिष्ठ ...
धर्म और दर्शन की उत्क्रांति भी आवश्यक
भावी पीढ़ी को मानसिक दिग्भ्रांति से बचाने के लिए यह प्रश्न सुलझाना आवश्यक है। धर्म के गिरते हुए मूल्य को देखकर ऐसा लगता है कि कहीं आने वाली पीढ़ियाँ पूर्णतया पदार्थवादी होकर अपनी आध्यात्मिक शक्तिया...
धर्म और विज्ञान जुड़वाँ भाई
पिछले दिनों धर्म और विज्ञान को विरोधी माना जाता रहा है। दोनों के तर्क, प्रतिपादन और आधार एकदूसरे से भिन्न समझे जाते रहे हैं। एक को प्रत्यक्षवादी और दूसरे को परोक्षवादी कहकर उन्हें असंबद्ध कहा जाता ...

