देव संस्कृति विश्वविद्यालय में यज्ञोपैथी कार्यशाला एवं थेरेपी कैंप का आयोजन
हरिद्वार। भारतीय ज्ञान परंपरा एवं वैदिक चिकित्सा विज्ञान के पुनर्जागरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार के आयुर्वेद एवं समग्र स्वास्थ्य विभाग के अंतर्गत संचालित यज्ञवल्क्य योग एवं यज्ञ अनुसंधान केंद्र द्वारा यज्ञोपैथी कार्यशाला एवं यज्ञोपैथी थेरेपी कैंप का आयोजन किया जा रहा है।
यज्ञोपैथी, युगऋषि पं. श्रीराम शर्मा आचार्य जी द्वारा पुनर्स्थापित एक वैदिक चिकित्सकीय पद्धति है, जिसमें औषधीय जड़ी-बूटियों, मंत्र स्पंदनों एवं अग्नि ऊर्जा के समन्वय से शरीर, मन एवं वातावरण के परिष्कार का कार्य किया जाता है। यह पद्धति प्राकृतिक एवं समग्र स्वास्थ्य संवर्धन की दिशा में एक प्रभावी प्रयास मानी जाती है।
कार्यशाला के दौरान प्रतिभागियों को यज्ञोपैथी के सिद्धांत, वैज्ञानिक आधार, कार्यप्रणाली एवं व्यवहारिक उपयोग की जानकारी प्रदान की जाएगी। वहीं विशेष 7 दिवसीय यज्ञोपैथी थेरेपी कैंप में तनाव, मधुमेह एवं थायरॉइड जैसी समस्याओं की रोकथाम एवं स्वास्थ्य संवर्धन हेतु विशेष सत्र आयोजित किए जाएंगे।
इस आयोजन का उद्देश्य जनसामान्य को भारतीय वैदिक चिकित्सा विज्ञान की उपयोगिता से परिचित कराना तथा स्वस्थ जीवनशैली की दिशा में जागरूकता बढ़ाना है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इच्छुक प्रतिभागियों से इस अनूठी पहल का लाभ उठाने का आह्वान किया है।
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