गायत्री जयंती महापर्व 2026 : परम वंदनीया माता जी एवं नारी जागरण अभियान — आदरणीया शेफाली पंड्या दीदी
तीन दिवसीय गायत्री जयंती महापर्व के द्वितीय दिवस पर गायत्री तीर्थ शांतिकुंज के मुख्य सभागार में उपस्थित हजारों साधक-परिजनों को संबोधित करते हुए शांतिकुंज महिला मंडल की अध्यक्षा आदरणीया श्रीमती शेफाली पंड्या दीदी ने नारी जागरण के महत्त्व पर प्रकाश डाला।
नारी जागरण विषय पर अपने उद्बोधन में आदरणीया दीदी ने कहा कि युगऋषि परम पूज्य गुरुदेव पं. श्रीराम शर्मा आचार्य एवं वंदनीया माता भगवती देवी शर्मा ने अखिल विश्व गायत्री परिवार को एक माला की भाँति पिरोया है। गायत्री परिवार रूपी इस माला के दाने जहाँ परिवार के परिजन हैं, वहीं उन्हें एक सूत्र में बाँधने वाला धागा पूज्य गुरुदेव और वंदनीया माताजी का दिव्य व्यक्तित्व है।
आदरणीया दीदी ने परम वंदनीया माताजी के अवतरणकाल से जुड़ी अलौकिक घटनाओं का स्मरण करते हुए कहा कि गायत्री परिवार की नींव से लेकर उसके विकास और वैश्विक विस्तार तक में जगत्-जननी परम वंदनीया माताजी की भूमिका को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। उन्होंने बताया कि गायत्री तपोभूमि, मथुरा की स्थापना के लिए वंदनीया माताजी ने अपने बहुमूल्य स्वर्णाभूषण तक समर्पित कर दिए थे।
उन्होंने आगे कहा कि पूज्य गुरुदेव के हिमालय प्रवास के दौरान वंदनीया माताजी ने गायत्री तपोभूमि की समस्त प्रशासनिक व्यवस्थाओं के साथ-साथ गायत्री परिवार संगठन की बागडोर भी अपने हाथों में संभाली। उन्होंने संगठन को न केवल कुशलतापूर्वक संचालित किया, बल्कि उसे तीव्र गति से विकास के नए आयामों तक पहुँचाया।
आदरणीया दीदी ने कहा कि तत्कालीन भारतीय समाज में नारियों की दयनीय शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक स्थिति को देखते हुए वंदनीया माताजी ने नारी जागरण अभियान का शुभारंभ किया। उनका यह अभियान नारी गरिमा, स्वाभिमान और आत्मशक्ति के पुनर्जागरण का सशक्त माध्यम बना। आदरणीया दीदी ने सभी परिजनों से आह्वान किया कि परम पूज्य गुरुदेव एवं परम वंदनीया माता जी के अभियानों को जन-जन तक पहुंचाएं।
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित साधक-परिजनों ने नारी जागरण के इस प्रेरणादायी संदेश को आत्मसात करते हुए समाज निर्माण में सक्रिय भागीदारी का संकल्प लिया।
प्रस्तुत हैं आज के कार्यक्रम की कुछ छवियां।
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