‘मानवता के साझा कल्याण हेतु कृत्रिम बुद्धिमत्ता’ विषयक वैश्विक मंच पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने रखा भारतीय आध्यात्मिक दृष्टिकोण
जिनेवा (स्विट्ज़रलैंड) | 08 जुलाई, 2026
स्विट्ज़रलैंड के जिनेवा स्थित Palexpo Auditorium में आयोजित AI for Good Global Summit 2026 के अंतर्गत “AI as a Global Common Good: What Do Religious and Industry Leaders Think?” विषयक उच्चस्तरीय वैश्विक सत्र में देव संस्कृति विश्वविद्यालय के प्रतिकुलपति तथा अखिल विश्व गायत्री परिवार के युवा आइकॉन आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने विशिष्ट वक्ता के रूप में सहभागिता करते हुए कृत्रिम बुद्धिमत्ता के नैतिक, मानवीय एवं आध्यात्मिक आयामों पर अपने विचार व्यक्त किए।
अपने उद्बोधन में आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता का वास्तविक उद्देश्य मानव की बुद्धिमत्ता का स्थान लेना नहीं, बल्कि मानवता के कल्याण का माध्यम बनना होना चाहिए। उन्होंने कहा कि विज्ञान और प्रौद्योगिकी तभी सार्थक हैं, जब उनका संचालन नैतिक मूल्यों, करुणा, उत्तरदायित्व एवं आध्यात्मिक चेतना द्वारा हो। भारतीय ज्ञान परंपरा के ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ तथा ‘सर्वे भवन्तु सुखिनः’ जैसे सार्वभौमिक आदर्श कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास को मानव-केंद्रित एवं विश्व कल्याणकारी दिशा प्रदान कर सकते हैं।
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