सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय, भोपाल में भारतीय ज्ञान परम्परा पर आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी का प्रेरक व्याख्यान
।। भोपाल, 23 जुलाई 2026 | सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय ।।
जन्मशताब्दी वर्ष की प्रेरणाओं को एवं परम पूज्य गुरुदेव के विचारों को जन जन तक विभिन्न आयामों से ले जाने के क्रम में सरोजिनी नायडू शासकीय कन्या महाविद्यालय, भोपाल में आदरणीय डॉ. चिन्मय पंड्या जी का आगमन हुआ। भारतीय ज्ञान परम्परा से जुड़े विषय पर विशेष व्याख्यान का आयोजन सम्पन्न हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी, उपाध्यक्ष, देव संस्कृति विश्वविद्यालय एवं युवा प्रतिनिधि, अखिल विश्व गायत्री परिवार, शांतिकुंज, हरिद्वार ने छात्राओं एवं प्राध्यापकों एवं भोपाल के गणमान्यों को संबोधित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता माननीय इंदर सिंह परमार जी, मंत्री उच्च शिक्षा तकनीकी शिक्षा एवं आयुष विभाग मध्य प्रदेश शासन ने की। डॉ. सुरेंद्र बिहारी गोस्वामी जी, प्राचार्य एवं
डॉ. राघवेंद्र शर्मा जी, अध्यक्ष योग आयोग मध्य प्रदेश शासन द्वारा इस कार्यक्रम में भोपाल की शासकीय विद्यालयों से चुने हुए प्रतिनिधियों को बुलाया गया था।
अपने प्रेरक उद्बोधन में परम आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी ने कहा कि परम पूज्य गुरुदेव ने तीन सूत्र दिए जो भारतीय ज्ञान परम्परा का निर्माण करते हैं: आत्मवत् सर्वभूतेषु, मातृवत् परदारेषु, परद्रव्येषु लोष्ठवत्। परम पूज्य गुरुदेव का वाङ्मय भारतीय ज्ञान परम्परा की जीवंत आत्मा है, जो व्यक्तित्व परिष्कार, चरित्र निर्माण, राष्ट्र चेतना और विश्वकल्याण का सशक्त आधार बनाता है।
इस अवसर पर महाविद्यालय में परम पूज्य गुरुदेव के वाङ्मय का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन एवं स्थापना सम्पन्न हुई।
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