500 से अधिक शिविरार्थियों ने किया देव संस्कृति विश्वविद्यालय का शैक्षणिक एवं प्रेरणादायी भ्रमण
हरिद्वार। गायत्री-तीर्थ शांतिकुंज में आयोजित संजीवनी सत्र के अंतर्गत पधारे लगभग 500 से अधिक शिविरार्थियों ने आज देव संस्कृति विश्वविद्यालय (DSVV) परिसर का भ्रमण किया। इस अवसर पर शिविरार्थियों ने विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों का अवलोकन करते हुए भारतीय संस्कृति पर आधारित शिक्षा व्यवस्था को निकट से समझा।
भ्रमण के दौरान प्रतिभागियों ने विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों, प्रयोगशालाओं, योग एवं शोध केंद्रों तथा परिसर की समग्र व्यवस्थाओं का अवलोकन किया। विश्वविद्यालय में शिक्षा के साथ संस्कार, व्यक्तित्व विकास और राष्ट्र निर्माण की भावना को देखकर सभी शिविरार्थी अत्यंत प्रेरित एवं उत्साहित दिखाई दिए।
इस अवसर पर शिविरार्थियों को आदरणीय डॉ. चिन्मय पण्ड्या जी से आत्मीय भेंट एवं मार्गदर्शन प्राप्त करने का सौभाग्य भी मिला। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में युवाओं से ज्ञान, साधना, सेवा एवं संस्कार के समन्वय से जीवन को उत्कृष्ट बनाने का आह्वान किया तथा भारतीय संस्कृति के मूल्यों को व्यवहार में उतारने की प्रेरणा दी।
भ्रमण के उपरांत शिविरार्थियों ने देव संस्कृति विश्वविद्यालय की शिक्षा पद्धति, अनुशासित वातावरण एवं आध्यात्मिक जीवन-दृष्टि की मुक्त कंठ से सराहना करते हुए इसे जीवन में सकारात्मक परिवर्तन का प्रेरणास्रोत बताया।
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